नई दिल्ली. Kedarnath Temple के कपाट बुधवार, 22 अप्रैल को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “हर हर महादेव” के जयकारे लगाए और दर्शन की शुरुआत हुई।
सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
Pushkar Singh Dhami ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पूरी विधि और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गए हैं।
चारधाम यात्रा की शुरुआत
Char Dham Yatra की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी, जब Gangotri Temple और Yamunotri Temple के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले गए। केदारनाथ 22 अप्रैल को खुला, जबकि Badrinath Temple 23 अप्रैल को खुलेगा।
इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु
इस वर्ष अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले साल 51 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल हुए थे।
तीर्थयात्रा के लिए सख्त नियम
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं को QR कोड आधारित पंजीकरण (Yatra Pass) के बिना प्रवेश नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था
श्रद्धालु सरकारी पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। सभी यात्रियों के लिए QR कोड पास अनिवार्य किया गया है।
ध्यान रखने योग्य बातें
सोनप्रयाग चेकपोस्ट पर बिना QR पास प्रवेश नहीं मिलेगा। हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए भी रजिस्ट्रेशन जरूरी है। प्रशासन ने फर्जी वेबसाइटों और दलालों से सावधान रहने की अपील की है।
केदारनाथ मंदिर कैसे पहुंचे
Kedarnath Temple तक पहुंचने के लिए गौरीकुंड बेस कैंप से लगभग 16 किलोमीटर का ट्रेक करना होता है। यह रास्ता पहाड़ों और नदी के सुंदर दृश्यों से भरा है, लेकिन यह काफी कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें तेज चढ़ाई शामिल है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह जल्दी यात्रा शुरू करें, बीच-बीच में आराम लें और रास्ते में बने विश्राम स्थलों का उपयोग करें।
घोड़ा और पालकी सेवा
जो श्रद्धालु पैदल यात्रा नहीं कर सकते, उनके लिए गौरीकुंड में वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध हैं—
घोड़ा (Pony): लगभग 7–8 घंटे में केदारनाथ पहुंचाता है
पालकी (Palki): लगभग 5–6 घंटे में यात्रा पूरी होती है और यह अधिक आरामदायक विकल्प है
हेलीकॉप्टर सेवा
केदारनाथ पहुंचने का सबसे तेज तरीका हेलीकॉप्टर सेवा है, जो Phata, Guptkashi और Sirsi से उपलब्ध है।
हेलीकॉप्टर की उड़ान मात्र 10–15 मिनट में केदारनाथ पहुंचा देती है। अधिक भीड़ के कारण अग्रिम बुकिंग जरूरी होती है, खासकर यात्रा के पीक सीजन में।

