नई दिल्ली. दिवाली के मौके पर दिल्ली-NCR के लोगों को ग्रीन पटाखे जलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से सीमित राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को 7 और 9 नवंबर को कुछ तय घंटों के दौरान ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी। हालांकि, यह छूट केवल दो दिनों के लिए और निर्धारित समय तक ही लागू रहेगी। इसके बाद 9 नवंबर से ग्रीन पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने यह आदेश दिया। पीठ में न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले शामिल थे। अदालत ने कहा कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए केवल पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना ही पर्याप्त समाधान नहीं है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद राजधानी में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को पूरी तरह रोकना संभव नहीं हो पाया है।
सुबह 6 से 7 और रात 8 से 10 बजे तक मिलेगी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 7 और 9 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति केवल दो समय अवधि में होगी। लोग सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी कर सकेंगे। इन तय समय के अलावा पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी।
अदालत ने साफ किया कि यह छूट सीमित अवधि के लिए है। निर्धारित तारीखों और समय के अलावा प्रतिबंधों का पालन करना होगा।
अस्पतालों और स्कूलों के आसपास पटाखे जलाने पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ संवेदनशील स्थानों को ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और निर्धारित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी।
स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। इन इलाकों में पटाखे जलाने पर रोक का उद्देश्य मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों को धुएं और शोर से बचाना है।
तय दुकानों पर ही बिकेंगे ग्रीन पटाखे
अदालत ने ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। इनके मुताबिक, ग्रीन पटाखे केवल निर्धारित दुकानों और बिक्री केंद्रों पर ही बेचे जा सकेंगे। ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पुलिस और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि तय दुकानों के अलावा कहीं भी पटाखों की बिक्री न हो। इसके लिए निगरानी और गश्ती दल भी बनाए जाएंगे।
QR कोड वाले पटाखों की होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गश्ती दल नियमित रूप से निर्धारित बिक्री केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल अनुमति प्राप्त उत्पाद ही बेचे जाएं और उन पर संबंधित QR कोड मौजूद हों।
अधिकारियों को पटाखों के नमूने लेकर जांच के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) भेजने का भी निर्देश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण या बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि दोषियों के PESO या NEERI से जुड़े लाइसेंस अथवा पंजीकरण रद्द किए जा सकते हैं।

