नई दिल्ली. शिमला उच्च न्यायालय ने कोटखाई गैंगरेप और हत्या के सभी आरोपियों का लाई-डिटेक्टर परीक्षण करने की अनुमति दे दी है. पूर्व में एक अन्य आरोपी आशीष चौहान ने लाई-डिटेक्टर परीक्षण करवाने से मना कर दिया था.
मालूम हो कि 13 जुलाई को हिमाचल प्रदेश की एसआईटी पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें, आशीष चौहान(29), राजेन्द्र सिंह(32), सुभाष सिंह बिष्ट(42) दीपक(29), सूरज सिंह(29) और लोकजंग(19) को हत्या और रेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार किए गए एक आरोपी सूरज सिंह की मृत्यु पुलिस हिरासत में ही हो गई थी.
सीबीआई ने 29 अगस्त को दिल्ली इंस्पेक्टर जनरल जहूर जैदी के साथ आठ पुलिसकर्मियों को सूरज की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था. मंगलवार को कोर्ट ने सभी सात पुलिसकर्मियों की हिरासत को सात सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया है. कोर्ट से हिरासत बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद सभी पुलिसकर्मियों को पूछ-ताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है.
4 जुलाई को गुड़िया(16) का शव हिमाचल के जंगल में मिला था. पुलिस की जांच में पता चला कि गुड़िया के साथ गैंग रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.