नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान आज लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
पहले स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू हुई, तब विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर स्वतः संज्ञान लेते हुए बयान देना शुरू किया। जैसे ही उन्होंने अपना वक्तव्य देना शुरू किया, कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपील की कि वे सदन में तख्तियां न दिखाएं क्योंकि यह संसदीय नियमों के खिलाफ है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना की
उधर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष कभी नहीं देखा। रिजिजू ने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव का नोटिस विपक्ष की ओर से दिया गया है और वह आज के कार्यसूची में चर्चा के लिए सूचीबद्ध है, लेकिन विपक्ष अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है जिससे उसकी स्थिति भ्रमित नजर आ रही है।
पीठ की अपील के बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन ने शिलांग से मौजूदा सांसद और वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी के नेता डॉ. रिकी एंड्रयू जे. सिंगकोन के हाल ही में निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सदन ने चार पूर्व सांसदों-कुमारी सुशीला तिरिया, देवी बक्स सिंह, पूर्णमासी राम और के.पी. उन्नीकृष्णन को भी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की स्मृति में कुछ क्षण का मौन रखा। श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।
