नई दिल्ली. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) में चढ़ावे और दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मामले में दर्ज पहली FIR के बाद की गई है, जिसे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था।
यह मामला अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है और इसे राम मंदिर से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है।
SIT की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई पहली FIR
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर मंगलवार को सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
FIR श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के आरोप लगाए गए हैं।
इन लोगों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने FIR में नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
इसके अलावा FIR में कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनकी भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
राम मंदिर ट्रस्ट में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया था। आरोपों के बाद स्वयं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हो रही जांच
SIT का नेतृत्व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। जांच दल में पुलिस और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि मामले के वित्तीय और आपराधिक दोनों पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके।
सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
आस्था से जुड़े मामले पर सरकार गंभीर
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में ट्रस्ट में प्राप्त दान राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
आगे क्या होगा?
प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन, दान प्रबंधन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। यदि जांच में और सबूत मिलते हैं तो मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारी या नई धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं व्यापक पड़ताल के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

