नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने राजधानी को Zero-Emission Transport System की ओर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी Electric Vehicle (EV) Policy को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े वित्तीय और नीतिगत प्रावधान किए गए हैं, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूरी तरह प्रदूषण मुक्त ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करना है।
EV वाहनों पर मिलेगा बड़ा फायदा
नई नीति के अनुसार, 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर अब रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इससे EV खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नया EV खरीदने पर 1 लाख रुपये तक का अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को तेजी से सड़कों से हटाना है।
2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन
नीति के तहत एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two-Wheeler) का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यह कदम राजधानी में दोपहिया वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार साल में लागू होगी नई EV नीति
यह नई EV Policy 1 जुलाई से शुरू होने वाली चार साल की चरणबद्ध योजना के तहत लागू की जाएगी। दिल्ली सरकार ने इस पूरी योजना के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
इस राशि का उपयोग EV इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और टैक्स छूट जैसी सुविधाओं पर किया जाएगा।
EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा बड़ा निवेश
दिल्ली सरकार के अनुसार, करीब 8,000 करोड़ रुपये केवल EV इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च किए जाएंगे। इसमें चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क को मजबूत करना, नई तकनीकों को अपनाना और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार करना शामिल है।
सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना EV को बढ़ावा देना संभव नहीं है, इसलिए इस दिशा में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह नीति पूरी तरह Zero Emission Vehicles पर आधारित है और इसका उद्देश्य दिल्ली को धीरे-धीरे प्रदूषण मुक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना को चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति बनाई है, ताकि ट्रांजिशन आसान और प्रभावी हो सके।
15,000 करोड़ रुपये के लाभ का अनुमान
सरकार का दावा है कि इस EV Policy के तहत दिल्ली के लोगों को कुल मिलाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये के लाभ मिलेंगे। इसमें टैक्स छूट, सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति से राजधानी में Electric Mobility को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि रोजगार और हरित ऊर्जा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राजधानी का परिवहन सिस्टम पूरी तरह इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल बन जाए।

