नई दिल्ली. झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ निजी एजेंसी TDPL की ओर से कराई गई सभी अन्य भर्ती परीक्षाओं को भी निरस्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। हालांकि, छात्रों की सबसे प्रमुख मांग यानी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच का मुद्दा अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
JPSC और JSSC की 2014 से हुई परीक्षाओं की होगी जांच
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष Cabinet Meeting में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने JSSC-CGL Examination को रद्द करने के साथ TDPL Agency द्वारा आयोजित सभी Competitive Recruitment Exams को भी निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक JPSC और JSSC की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं और Recruitment Processes की भी जांच कराने का फैसला किया गया है।
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक Reform Committee गठित करने का भी निर्णय लिया है। यह समिति IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में काम करेगी और भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए सरकार को सुझाव देगी।
प्रदर्शन स्थल पर छात्रों ने बांटी मिठाई, लगाया गुलाल
सरकार के फैसले की जानकारी मिलते ही रांची के Jaipal Singh Munda Stadium में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने खुशी जताई। छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और गुलाल लगाकर फैसले का स्वागत किया। लंबे समय से चल रहे आंदोलन में इसे छात्रों की बड़ी जीत के तौर पर देखा गया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के साथ विधायक जयराम कुमार भी Sadar Hospital पहुंचे। यहां उन्होंने Hunger Strike पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो और अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
आंदोलनकारी नेताओं ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इससे छात्रों की कई प्रमुख मांगें पूरी हुई हैं। इसके बाद JPSC-JSSC Nyay Manch ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया।
वहीं छात्र नेता रविंद्र पासवान ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि Reform Manch का आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI Probe का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक उनका संगठन अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
नियुक्त हो चुके उम्मीदवारों की बढ़ी चिंता
सरकार के फैसले के बाद अब JSSC-CGL परीक्षा के जरिए पहले से नियुक्त हो चुके Candidates के बीच भी चिंता बढ़ गई है। कई चयनित अभ्यर्थी रांची स्थित Project Bhawan के बाहर जमा हुए और अपनी नौकरी तथा भविष्य को लेकर चिंता जताई।
इन उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा के आधार पर उनका Selection और Appointment हो चुका है। ऐसे में पूरी परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले का उनके रोजगार पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर वे स्पष्टता चाहते हैं। सरकार के फैसले के बाद अब इन नियुक्त उम्मीदवारों की स्थिति भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।
CBI जांच की मांग पर अब भी बना हुआ है पेच
JSSC-CGL Cancellation और TDPL की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के बावजूद छात्रों के आंदोलन की सबसे अहम मांग CBI Investigation अभी लंबित है। Reform Manch का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच जरूरी है।
अब आंदोलनकारी संगठनों की ओर से आगे की रणनीति का ऐलान किया जाना है। खासतौर पर CBI जांच की मांग को लेकर उनका रुख क्या होगा, इस पर सभी की नजर है। सरकार के फैसले से जहां एक ओर 24 दिनों से जारी आंदोलन को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा रद्द होने से पहले से चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी और भविष्य को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है।

