नई दिल्ली. तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी राजनीतिक घटना सामने आई है। सी. वी. षणमुगम के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एक धड़े ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। शण्मुगम ने साफ कहा कि पार्टी अब दो अलग-अलग खेमों में बंट चुकी है और अधिकांश विधायक TVK सरकार के समर्थन में खड़े हैं।
पत्रकारों से बातचीत में शण्मुगम ने कहा कि AIADMK नेताओं ने सर्वसम्मति से DMK के समर्थन से सरकार बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि AIADMK की स्थापना ही DMK के विरोध के लिए हुई थी और अगर पार्टी DMK के साथ जाती है तो उसकी पहचान खत्म हो जाएगी।
“DMK से गठबंधन करने पर खत्म हो जाएगी AIADMK की पहचान”
शण्मुगम ने कहा, “हमने TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। AIADMK ने पिछले 53 वर्षों से DMK के खिलाफ राजनीति की है। ऐसे में DMK के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव अधिकांश नेताओं को स्वीकार नहीं था। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते हैं तो AIADMK खत्म हो जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आने वाले चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। इसके साथ ही संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर पुनर्गठन की जरूरत बताई गई है।
विधानसभा में नए नेतृत्व का ऐलान
शण्मुगम गुट ने पार्टी के अंदर नए नेतृत्व की घोषणा भी की। पूर्व मंत्री S. P. Velumani को विधानसभा में AIADMK विधायक दल का नेता चुना गया, जबकि C. Vijayabaskar को पार्टी का व्हिप नियुक्त किया गया है। शण्मुगम ने बताया कि इस संबंध में पत्र प्रोटेम स्पीकर को सौंप दिया गया है।
लगातार हार पर मंथन की मांग
हाल के चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए शण्मुगम ने स्वीकार किया कि AIADMK लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी हार के कारणों का ईमानदारी से विश्लेषण करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने पार्टी महासचिव Edappadi K. Palaniswami से जल्द जनरल काउंसिल की बैठक बुलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को मिलकर यह समझना होगा कि लगातार हार की वजह क्या रही और आगे संगठन को किस दिशा में ले जाना है।
मुख्यमंत्री विजय और नए विधायकों ने ली शपथ
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री Joseph Vijay, उनके मंत्रिमंडल के नौ मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K. Palaniswami, पूर्व उपमुख्यमंत्री Udhayanidhi Stalin और नव निर्वाचित विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा में शपथ ली।
प्रोटेम स्पीकर M. V. Karuppaiah ने 17वीं विधानसभा के पहले सत्र की कार्यवाही शुरू कराई। मुख्यमंत्री विजय ने सबसे पहले विधायक पद की शपथ ली। उनके बाद मंत्रियों और अन्य विधायकों ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।
