नई दिल्ली. भारत ने Renewable Energy के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की Puga Valley में देश के पहले और सबसे गहरे जियोर्थमल कुएं का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने किया। यह परियोजना ONGC Energy Centre द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Clean Energy Vision के तहत विकसित की गई है और इसे भारत के हरित ऊर्जा अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
14 हजार फीट की ऊंचाई पर तैयार हुए दो गहरे कुएं
इस परियोजना के तहत 1,000 मीटर गहरे दो Geothermal Wells तैयार किए गए हैं। ये कुएं समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। इनकी मदद से लद्दाख में देश के पहले 1 मेगावाट Geothermal Power Project की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। यह परियोजना भविष्य में प्राकृतिक भू-तापीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कठिन परिस्थितियों में पूरी हुई परियोजना
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस उपलब्धि पर इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को बधाई देते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड, कठिन मौसम, भू-तापीय गतिविधियों और जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के बावजूद टीम ने रिकॉर्ड समय में ड्रिलिंग का काम पूरा किया। उन्होंने इसे भारत की Green Energy Journey का ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।
कई महीनों तक रुकी रही थी योजना
यह परियोजना कुछ समय के लिए अटक गई थी क्योंकि लद्दाख प्रशासन, Ladakh Autonomous Hill Development Council (LAHDC) और ONGC Energy Centre के बीच हुआ त्रिपक्षीय समझौता (MoU) समाप्त हो गया था। बाद में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के हस्तक्षेप के बाद इस समझौते को जून में अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया गया, जिससे परियोजना का काम फिर से शुरू हो सका।
बिजली उत्पादन की दिशा में बढ़ेगा अगला कदम
परियोजना के सफल होने के बाद अब विशेषज्ञ भू-तापीय जलाशय (Geothermal Reservoir) का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसके आधार पर भविष्य में Commercial Geothermal Energy उत्पादन का मार्ग प्रशस्त होगा। इंजीनियरों के अनुसार, ड्रिलिंग के दौरान 400 मीटर की गहराई पर 135 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। फिलहाल आगे की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे भी अधिक तापमान प्राप्त होगा, जिससे 1 मेगावाट क्षमता वाले पायलट पावर प्रोजेक्ट का संचालन संभव हो सकेगा।
लद्दाख के विकास को मिलेगा नया आधार
उपराज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे लद्दाख की Energy Security मजबूत होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि Puga Valley में हासिल की गई सफलता भारत के Net Zero Mission के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है और लद्दाख को Carbon Neutral Region बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो भारत में भू-तापीय ऊर्जा के व्यावसायिक उपयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और देश के Renewable Energy Sector को नई दिशा मिलेगी। लद्दाख की पुग्गा घाटी में शुरू हुई यह पहल भारत के स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
