नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। अलीगंज क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मौके का दौरा किया और घायलों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दोपहर में लगी आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार आग सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अलीगंज इलाके में स्थित एक व्यावसायिक भवन में लगी। इमारत में एक एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण भवन धुएं से भर गया और अंदर फंसे छात्रों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई छात्रों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
राहत और बचाव के लिए 14 दमकल गाड़ियां तैनात
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 14 गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन मौके पर पहुंचाए गए। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक अभियान चलाकर आग पर काबू पाया और भवन के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
भारी धुएं के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें
King George’s Medical University के चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल लाए गए 15 छात्रों को मृत घोषित किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश छात्रों की मौत आग से झुलसने के बजाय धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मृतकों की उम्र 20 से 28 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने रद्द किए सभी कार्यक्रम
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में चल रहा अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ रवाना हो गए। उन्होंने पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर अस्पताल पहुंचकर घायलों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और केंद्र तथा राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद कर रही हैं।
राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं ने जताया दुख
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए लखनऊ पहुंचने का निर्णय लिया। वहीं, Akhilesh Yadav और Rahul Gandhi सहित कई नेताओं ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर भेजकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सरकार का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच होगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश को झकझोर देने वाला हादसा
लखनऊ के पॉश अलीगंज इलाके में हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के समय भवन में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरा प्रदेश इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

