नई दिल्ली. प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में केंद्र सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने एक ओर स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की कोल गैसीफिकेशन योजना को मंजूरी दी, वहीं दूसरी ओर किसानों को राहत देते हुए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का ऐलान किया।
37,500 करोड़ रुपये की कोल गैसीफिकेशन योजना को मंजूरी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि सरकार ने कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए 37,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत करीब 3 लाख करोड़ रुपये का कुल निवेश होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि देश में 401 मिलियन टन ज्ञात कोयला भंडार मौजूद है, जो अगले 200 वर्षों तक जरूरतें पूरी करने में सक्षम है। योजना के तहत 75 मिलियन टन कोयले के गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।
क्या है कोल गैसीफिकेशन
कोल गैसीफिकेशन ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को सिंथेटिक गैस यानी ‘सिंगैस’ में बदला जाता है। इसका इस्तेमाल वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया जाता है और इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया से मेथेनॉल, उर्वरक, हाइड्रोजन और अन्य रसायनों का उत्पादन किया जा सकता है। इससे कच्चे तेल, मेथेनॉल, अमोनिया और एलएनजी जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटेगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोल गैसीफिकेशन क्षमता हासिल करना है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर
सरकार का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच यह योजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी। इससे विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा और घरेलू संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
योजना का उद्देश्य एलएनजी, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, अमोनिया और कोकिंग कोल जैसे महत्वपूर्ण आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटाना भी है।
धान MSP में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने 2026-27 खरीफ विपणन सत्र के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। सरकार ने सामान्य धान का MSP बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि ए-ग्रेड धान का MSP अब 2,461 रुपये प्रति क्विंटल होगा।
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
Ashwini Vaishnaw ने कहा कि नया MSP उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक रखा गया है ताकि किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। सरकार के अनुसार, इस फैसले से किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। साथ ही 824.41 लाख टन धान की सरकारी खरीद का अनुमान लगाया गया है।
कृषि और ऊर्जा सेक्टर को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर कोल गैसीफिकेशन योजना देश को स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाएगी, वहीं MSP बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
