नई दिल्ली. राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं को भारत की प्रगति का “भाग्य विधाता” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोट देना सबसे बड़ा अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और इसे उत्सव की तरह मनाने की अपील की।
पीएम मोदी ने MY-Bharat वॉलंटियर्स को लिखे पत्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में कहा कि उंगली पर लगने वाली स्याही सम्मान का प्रतीक (Badge of Honour) है। उन्होंने कहा कि भारत न सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ भी है, जिसकी जड़ें प्राचीन काल तक जाती हैं। हिमालय से लेकर अंडमान-निकोबार तक मतदाता कठिन परिस्थितियों में भी मतदान करने पहुंचते हैं, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं और नारी शक्ति पर फोकस
प्रधानमंत्री ने परिवारों, समाज, स्कूलों और कॉलेजों से अपील की कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने तो उसे मिठाई बांटकर या छोटे समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाए, ताकि उनमें लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की भावना मजबूत हो।
उन्होंने MY-Bharat वॉलंटियर्स की “Can Do Spirit” की सराहना करते हुए कहा कि वे मतदाता जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने युवा महिलाओं की ‘नारी शक्ति’ को समावेशी लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व
राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1950 में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की स्थापना की याद में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है “My India, My Vote”, जबकि टैगलाइन है “Citizen at the Heart of Indian Democracy”। मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पीएम मोदी ने चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में निर्वाचन आयोग के प्रयासों की भी सराहना की।
युवाओं से आह्वान
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मतदाता बनने के प्रति जागरूकता फैलाइए… पहली बार वोट देने वाले युवाओं के पास देश की तकदीर बदलने की ताकत है। उन्होंने इसे 1951 में हुए पहले आम चुनाव के 75 वर्ष पूरे होने से जोड़ते हुए कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए लोकतंत्र को और मजबूत करना हम सभी का संकल्प होना चाहिए।
