नई दिल्ली. नेशनल नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने राजस्थान के जोधपुर में एक मेफेड्रोन (MD) निर्माण प्रयोगशाला को पकड़कर चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। NCB ने बताया कि यह लैब अवैध ड्रग मार्केट में वितरण के लिए लगभग 200 किलो मेफेड्रोन बनाने के लिए स्थापित की गई थी।
बेंगलुरु में तीन गुप्त लैब का खुलासा
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मामले के तीन प्रमुख संदिग्धों में से एक ने बेंगलुरु में तीन गुप्त मेफेड्रोन निर्माण लैब स्थापित की थीं। जब्त की गई मेफेड्रोन इन्हीं लैब से उत्पन्न हुई थी।
संदिग्ध अभी फरार, गिरफ्तारी के प्रयास जारी
NCB ने जानकारी दी कि तीनों प्रमुख संदिग्ध अभी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
कैसे शुरू हुई यह कार्रवाई?
NCB ने पहले 25 जनवरी को जोधपुर में 1.089 किलो मेफेड्रोन जब्त किया था। इसी के आधार पर टीम ने आगे की जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि तीन बड़े संदिग्धों में से एक ने बेंगलुरु में तीन गुप्त MD लैब भी स्थापित की थीं और वर्तमान जब्त MD वहीं से आया था।
जोधपुर ग्रामीण पुलिस के सहयोग से 29 जनवरी को सोयला-डांडोर रोड के एक फार्महाउस पर छापा मारा गया, जहाँ लैब के उपकरण बरामद किए गए।
गिरफ्तार किए गए और फरार मुख्य आरोपियों की स्थिति
अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन मुख्य संदिग्ध फिलहाल फरार हैं। उनके गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी ड्रग गिरफ़्तारी की पृष्ठभूमि
इसी तरह की रणनीति के तहत NCB ने हाल ही में मिसोर (कर्नाटक) में एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क को भी बेदखِل किया, जहाँ लगभग ₹10 करोड़ मूल्य का MD जब्त किया गया और चार आरोपियों को पकड़ा गया।
इस मामले से पता चलता है कि ड्रग तस्करी और निर्माण की आपरेशन्स कई राज्यों में फैली हुई हैं, और NCB लगातार इन गिरोहों पर लगातार शिकंजा कस रही है।
NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक्ट के प्रावधानों के तहत NCB किसी भी ऐसे नेटवर्क पर त्वरित कार्रवाई कर रही है जो सिंथेटिक ड्रग निर्माण, वितरक और तस्करी में शामिल हैं।
