नई दिल्ली: Parliament के Monsoon Session के आखिरी चरण को लेकर National Democratic Alliance (NDA) ने अपनी रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को ‘Mangal Milan’ बैठक की। NDA Parliamentary Party की यह बैठक Parliament Library Building (PLB) के GMC Balayogi Auditorium में हुई। बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य Monsoon Session के बचे हुए 10 दिनों के लिए Ruling Alliance की Floor Strategy को अंतिम रूप देना और सदन में सहयोगी दलों के बीच बेहतर Coordination सुनिश्चित करना था।
PM Modi समेत NDA के कई दिग्गज नेता बैठक में शामिल
‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत कई एनडीए नेता शामिल हुए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी बैठक में मौजूद रहे.
बैठक के दौरान संसद की आगामी कार्यवाही, महत्वपूर्ण Bills और विभिन्न मुद्दों पर सरकार की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। NDA नेतृत्व की कोशिश है कि Monsoon Session के बाकी दिनों में सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल के साथ सरकार के Legislative Agenda को आगे बढ़ाया जाए।
Monsoon Session के बचे 10 दिनों पर फोकस
NDA की ‘Mangal Milan’ बैठक ऐसे समय हुई है जब Parliament के Monsoon Session के अब केवल 10 दिन बाकी हैं। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण Legislative Matters को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष भी अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
ऐसे में NDA Parliamentary Party Meeting में Floor Management, Parliamentary Coordination और Opposition के संभावित विरोध के बीच सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक NDA Constituents के बीच साझा रणनीति और Consensus बनाने का भी महत्वपूर्ण मंच रही।
‘Mangal Milan’ क्या है और क्यों है खास?
‘Mangal Milan’ NDA Parliamentary Party की Weekly Strategy Meeting का नया रूप है। इसका उद्देश्य संसद सत्र के दौरान Ruling Alliance के सांसदों के बीच बेहतर Coordination कायम करना और सदन में सरकार की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
इस बैठक में संसद की Daily Floor Management Strategy के साथ-साथ अलग-अलग सहयोगी दलों के बीच Consensus बनाने पर भी चर्चा होती है। NDA के सहयोगी दलों के सांसदों को विभिन्न Debates में भाग लेने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए Speaking Roles भी दिए जाते हैं।
Shiv Sena, LJP, TDP, JD(U) और अन्य Regional Parties के सांसद इस रणनीतिक Coordination का हिस्सा होते हैं। इससे सरकार को संसद में अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर विधायी कामकाज आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
NCPI सांसदों की भी बढ़ी भागीदारी
इस बैठक में Nationalist Citizens Party of India (NCPI) के सांसद Sudip Bandyopadhyay भी शामिल हुए। बैठक से पहले उन्होंने कहा कि वह पहली बार NDA Parliamentary Party Meeting में हिस्सा लेने जा रहे हैं। उन्होंने खुद को देश के वरिष्ठतम सांसदों में से एक बताते हुए कहा कि NCPI में सभी लोग एकजुट हैं।
NCPI सांसदों की NDA की ‘Mangal Milan’ बैठक में भागीदारी पिछले कुछ समय से चर्चा में है। इससे पहले 28 जुलाई को हुई बैठक में NCPI के Kakoli Ghosh, Shatabdi Roy और Saayoni Ghosh ने पहली बार हिस्सा लिया था। ये सांसद पहले Trinamool Congress से जुड़े हुए थे।
NCPI सांसदों ने NDA की व्यवस्था की तारीफ की
पहली बार ‘Mangal Milan’ बैठक में शामिल हुए कई NCPI MPs ने NDA के Organisation और Coordination System की सराहना की। बैठक के बाद NCPI MP Shatabdi Roy ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहली बार बैठक में शामिल होने पर उन्हें Recognition दिया गया।
उन्होंने NDA की बैठक में दिखाई गई Organised Approach की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह की व्यवस्था पहले नहीं देखी थी। इससे संकेत मिलता है कि NDA की Parliamentary Coordination Strategy में नए सहयोगियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
सहयोगी दलों के साथ Coordination पर जोर
NDA की ‘Mangal Milan’ बैठक सिर्फ सरकार के विधायी एजेंडे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Alliance Coordination का भी अहम मंच है। बैठक के जरिए BJP नेतृत्व अपने सहयोगी दलों के सांसदों के साथ संवाद करता है और Parliament में साझा रणनीति के तहत आगे बढ़ने की योजना तैयार करता है।
Monsoon Session के आखिरी 10 दिनों में सरकार के सामने महत्वपूर्ण Bills को आगे बढ़ाने के साथ-साथ विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही को सुचारू रखने की चुनौती भी रहेगी। ऐसे में NDA की यह बैठक आगामी Parliamentary Proceedings के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
