नई दिल्ली. NEET-UG 2026 paper leak case में जांच एजेंसी CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला देश के सबसे बड़े medical entrance exam scam में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच लगातार तेज की जा रही है।
Central Bureau of Investigation (CBI) के अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में एक लातूर (Latur) का डॉक्टर और पुणे के एक coaching institute का physics faculty शामिल है।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
CBI की ताजा कार्रवाई में मनोज शिरुरे (Latur-based doctor)
तेजस हर्षदकुमार शाह (Pune coaching faculty) को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे जुड़ा था पेपर लीक नेटवर्क?
CBI की जांच के अनुसार मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उसने कुछ छात्रों को प्रश्नपत्र दिलाने में मदद की। इसमें RCC Coaching Institute के फाउंडर के बेटे का नाम भी सामने आया है। सवाल कथित तौर पर NEET paper setter P.V. Kulkarni से जुड़े नेटवर्क से हासिल किए गए। यह पूरा मामला एक organized cheating network की तरह काम कर रहा था।
Pune coaching institute पर भी जांच
दूसरे आरोपी तेजस शाह, जो पुणे स्थित Dr. Abhang Prabhu Medical Academy (APMA) में physics faculty हैं, पर आरोप है कि उन्हें physics section के leaked questions मिले। यह जानकारी पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से मिली
अब तक कितनी गिरफ्तारियां?
CBI ने बताया कि इस मामले में कुल गिरफ्तारियां अब 13 तक पहुंच गई हैं। जांच अभी भी जारी है
कई राज्यों में 49 locations पर raids किए गए हैं
जांच में क्या मिला?
CBI के अनुसार जांच के दौरान, कई laptops और mobile phones जब्त किए गए, आपत्तिजनक दस्तावेज (incriminating documents) मिले पूरे network को खंगाला जा रहा है
NTA का बड़ा फैसला
National Testing Agency (NTA) ने 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया
12 मई को यह फैसला लिया गया
अब re-exam की तारीख अगले महीने 21 तारीख तय की गई है
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा के दौरानपेपर लीक के आरोप सामने आए
मेडिकल सीटों के लिए होने वाली यह परीक्षा विवादों में घिर गई
देशभर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई
CBI की आगे की जांच
CBI spokesperson के अनुसार
पूरे conspiracy network को उजागर करने की कोशिश जारी है और गिरफ्तारियां हो सकती हैं,जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। NEET-UG 2026 paper leak case ने एक बार फिर education system integrity और exam security system पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CBI की ताजा गिरफ्तारियों से साफ है कि यह सिर्फ कुछ व्यक्तियों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क हो सकता है जिसकी जांच अभी जारी है।