नई दिल्ली. NITI Aayog की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पहल नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) 2.0 के तहत अगले 5 से 10 वर्षों में देश की जीडीपी में लगभग 40 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसंपत्ति मुद्रीकरण से मौजूदा सार्वजनिक परिसंपत्तियों का मूल्य अनलॉक कर नई अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा, जिससे बुनियादी ढांचे में तेजी आएगी और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
4.6 लाख करोड़ रुपये की संभावित आय
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 से 2030 के दौरान केंद्र सरकार को NMP 2.0 के तहत परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से लगभग 4.6 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति होने का अनुमान है।
16.72 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
NMP 2.0 के तहत पांच वर्षों में 12 क्षेत्रों की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के जरिए कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निजी क्षेत्र से करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश की भी उम्मीद है।
अवसंरचना विकास को मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि NMP 2.0 के माध्यम से:
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी आएगी
निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी
पूंजी निवेश में वृद्धि होगी
सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा
नीति आयोग का मानना है कि यह पहल देश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी और विकास को नई गति देगी।

