नई दिल्ली. देशभर में NEET Paper Leak को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए नया और सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ऐसा कानूनी ढांचा तैयार कर रही है, जिससे पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई हो और दोषियों को जल्द सजा मिल सके। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा।
3 महीने में पूरा होगा ट्रायल
प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष Fast-Track Court में की जाएगी। कोशिश होगी कि मामला अदालत में पहुंचने के बाद तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया जाए। सरकार का उद्देश्य लंबे समय तक मुकदमे लंबित रहने की समस्या को खत्म करना है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, नए कानून में पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ बेहद कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए अब तक का सबसे सख्त कानूनी प्रावधान होगा।
NEET विवाद के बाद सरकार ने तेज की कार्रवाई
NEET-UG Paper Leak विवाद के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए विशेष कानून तैयार किया जा रहा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कानून के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में आ सकता है बिल
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद सरकार इस विधेयक को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पेश करने की कोशिश करेगी। सरकार चाहती है कि कानून जल्द लागू हो, ताकि भविष्य में Competitive Exams में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

