नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। वडनगर से वाराणसी के बीच चल रही इस बाइक यात्रा को उन्होंने जमीनी स्तर पर राष्ट्र निर्माण और युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने वाली पहल बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों, समाज और लोगों की आकांक्षाओं को करीब से समझना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यात्रा में शामिल युवाओं के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग मौसम, बदलते स्थान और लगातार यात्रा करना आसान नहीं होता। उन्होंने अपने संगठनात्मक जीवन के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई यात्राओं को आयोजित करने और उनमें हिस्सा लेने के दौरान ऐसी चुनौतियों को देखा है। उनके मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने वाली यात्राएं युवाओं को भारत की विविधता को जमीन पर समझने का अवसर देती हैं।
राजनीति, चुनाव और शासन से आगे सेवा पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए सेवा की भावना भी जरूरी है। उन्होंने मुफ्त अनाज वितरण और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सेवा की भावना से समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा सकता है।
उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से कहा कि उनका उद्देश्य केवल मोटरसाइकिल से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं है, बल्कि रास्ते में लोगों से जुड़ना और स्थानीय जरूरतों को समझना भी है। यात्रा के दौरान प्रतिभागी अलग-अलग गांवों और कस्बों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और सेवा से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने वाली भी है और भविष्य में इसका लाभ पाने वाली पीढ़ी भी होगी।
उन्होंने युवाओं से देश को केवल किताबों या दूर से देखने के बजाय जमीन पर जाकर समझने की बात कही। उनके अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मिलना, उनकी सामाजिक परिस्थितियों को जानना, उनके सपनों और आकांक्षाओं को समझना तथा उनकी राय सुनना युवाओं के अनुभव को व्यापक बनाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लिहाज से सेवा संकल्प यात्रा प्रतिभागियों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वडनगर से वाराणसी तक सेवा का संदेश
सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर और उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को जोड़ रही है। प्रधानमंत्री ने दोनों शहरों का अपने जीवन से जुड़ा महत्व बताते हुए कहा कि वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इन दोनों ऐतिहासिक शहरों को जोड़ने वाली यह पहल सेवा के संदेश को आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह यात्रा में शामिल लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो और तस्वीरों पर नजर रखते हैं। उन्होंने यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं और युवा महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
ग्राम सभाओं से लेकर स्वच्छता अभियान तक
सेवा संकल्प यात्रा के दौरान प्रतिभागी केवल यात्रा करने तक सीमित नहीं हैं। वे अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय लोगों से संवाद कर रहे हैं और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ग्राम सभाओं में बातचीत, लाभार्थियों से मुलाकात, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय लोगों के साथ संवाद जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
यात्रा के दौरान तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद, गौ सेवा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण जैसी गतिविधियां भी की जा रही हैं।
7 अक्टूबर तक चलेगी यात्रा
सेवा संकल्प यात्रा 17 सितंबर से शुरू हुई थी और 7 अक्टूबर तक चलने वाली है। इसमें वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर के बीच अलग-अलग समूहों के प्रतिभागी बाइक से यात्रा कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनसंपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक भागीदारी को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
इस दौरान यात्रा कई राज्यों, जिलों, तहसीलों और गांवों से गुजर रही है। प्रतिभागी स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी जरूरतों को समझने और सेवा गतिविधियों के माध्यम से समुदायों से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत में इसी जमीनी अनुभव और युवाओं की भूमिका को प्रमुखता दी गई।

