नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में Paper Leak के मुद्दे पर जारी चर्चा के बीच युवाओं का धन्यवाद किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर एक संदेश जारी कर कहा कि उनके वीडियो पर युवाओं की ओर से मिले सकारात्मक जवाब और सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें युवाओं के विचार जानकर खुशी हुई और सभी का आभार व्यक्त किया।
Paper Leak को बताया गंभीर समस्या
प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा का पेपर लीक होना कोई सामान्य घटना नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने इस मामले में कई अहम कदम उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
छात्रों का एक साल खराब न हो, यही थी पहली प्राथमिकता
PM मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसी कारण कम समय में दोबारा परीक्षा कराई गई, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी पूरी क्षमता के साथ परीक्षा आयोजित कराई और समय पर परिणाम भी घोषित किए।
Fast-Track Courts बनाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने Paper Leak मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए Fast-Track Courts बनाने का निर्देश दिया है। संबंधित विभागों ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उन्हें सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
संसद में जल्द पेश होगा नया Bill
PM मोदी ने कहा कि मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह से सरकार इस नए कानून को संसद में पेश करने और जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है ताकि भविष्य में Paper Leak जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार
इधर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच सरकार ने National Testing Agency (NTA) में कई प्रशासनिक बदलाव किए हैं। उच्च शिक्षा सचिव का तबादला किया गया है और NTA के 47 कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है। वहीं छात्र संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें परीक्षा सुधार और प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजे की मांग शामिल है।

