नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ओलंपिक भागीदारी को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। खेलो इंडिया डायलॉग के दौरान खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को मोदी ने कहा कि भारत की नीति सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश को सबसे ज्यादा ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी, ताकि भारत की युवा शक्ति और खेल प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
‘जो खेलेगा, वही निखरेगा’
पीएम मोदी ने कहा कि खेलों में सफलता का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहता। जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य का भी गौरव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि “जो खेलेगा, वह निखरेगा” और खेलों में निखरने का मतलब केवल जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास और क्षमता भी विकसित होती है।
आधे से भी कम ओलंपिक खेल में भारत की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने भारतीय खेलों के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कई Olympic Disciplines में हिस्सा ही नहीं लेता। उन्होंने बताया कि 2012 के Olympics में भारत ने केवल 13 खेलों में भाग लिया था, जबकि 20 से अधिक ऐसे खेल थे जिनमें भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं हुए थे।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर भारत को अपनी Medal Tally बढ़ानी है तो उन खेलों में भी प्रतिभाओं को तलाशना और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देना होगा, जिनमें देश की पारंपरिक रूप से कम भागीदारी रही है।
खेलों को Nation Building से जोड़ने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की Sports Vision सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य देश की Sporting Prowess और Youth Power को एक साथ लाकर Developed India के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाएं मौजूद हैं और जरूरत इस बात की है कि उन्हें अलग-अलग खेलों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
मेजर ध्यानचंद को किया याद
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान हॉकी खिलाड़ी Major Dhyan Chand को भी याद किया। उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में मेजर ध्यानचंद के योगदान को रेखांकित किया और भारत-न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे Sporting Relations का उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने बताया कि करीब 100 साल पहले Indian Army की Hockey Team ने New Zealand का दौरा किया था और Major Dhyan Chand भी उस टीम का हिस्सा थे। प्रधानमंत्री ने इसे दोनों देशों के बीच करीब 100 वर्षों पुराने खेल संबंधों की शुरुआत से जोड़ा।
खेलो इंडिया की तैयारी हो नया स्पोर्ट्स इकोसिस्टम
सरकार खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में खेलों को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को आगे लाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री के ताजा संदेश से साफ है कि आने वाले समय में भारत का लक्ष्य सिर्फ कुछ चुनिंदा खेलों में मेडल जीतना नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा Olympic Disciplines में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाकर देश के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
