नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कर्नाटक के उदुपी स्थित श्री कृष्ण मठ में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 9 संकल्पों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को इन संकल्पों को जीवन में उतारना होगा, ताकि राष्ट्र विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।
ये हैं प्रधानमंत्री मोदी के 9 संकल्प
अपने संबोधन में PM मोदी ने संतों, श्रद्धालुओं और देशवासियों से निम्नलिखित 9 बातों को निभाने का आग्रह किया कि जल संरक्षण और नदियों की रक्षा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में योगदान कम से कम एक गरीब परिवार को गरीबी से बाहर लाने का प्रयास। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना और देशी उद्यमियों का समर्थन
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
दैनिक जीवन में मिलेट्स (श्रीअन्न) शामिल कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना तेल का कम उपयोग करने की आदत योग को जीवनशैली में शामिल करना, प्राचीन भारतीय पांडुलिपियों और ज्ञान के संरक्षण का संकल्प
भारतीय विरासत को जानने का आग्रह
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए हर भारतीय को कम से कम 25 प्राचीन, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी धरोहर और पारंपरिक ज्ञान आने वाली पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।
गीता से मिली प्रेरणा
PM मोदी ने कहा कि श्री कृष्ण की शिक्षा, भगवद्गीता, आज भी देश की नीतियों और योजनाओं की प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि ‘सर्वे जना सुखिनो भवन्तु’ ,‘वसुधैव कुटुम्बकम’,‘धर्मो रक्षितो रक्षिता’ जैसे सिद्धांतों ने आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, नारी शक्ति मिशन, सोलर अलायंस और राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम (सुदर्शन चक्र मिशन) जैसी योजनाओं को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि गीता शांति की शिक्षा देती है और भारत भी शांति का संवाहक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उदुपी में विशेष कार्यक्रम और सम्मान
अपने उदुपी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ,सोने से मढ़ित तीर्थ मंटप का उद्घाटन सोने की परत चढ़े पवित्र कनक किंडी (खिड़की) को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े, और उदुपी पुत्तिगे मठ के पीठाधीश्वर सुगुनेंद्र तीर्थ स्वामीजी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पुत्तिगे स्वामीजी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “भारत भाग्य विधाता” की उपाधि प्रदान की। प्रधानमंत्री मोदी का यह आह्वान सिर्फ अपील नहीं बल्कि भारत को आत्मनिर्भर, स्वस्थ, सांस्कृतिक रूप से मजबूत और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाने का रोडमैप माना जा रहा है।
