नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को Bloomberg New Economy Forum में कहा कि आज के दौर में Technology, Data, Knowledge और Innovation सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि ताकत किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक का लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे करोड़ों लोगों के लिए नए अवसर पैदा होने चाहिए। उन्होंने ‘Power to Control’ से आगे बढ़कर ‘Power to Empower’ यानी दूसरों को सशक्त बनाने की सोच अपनाने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और केवल अपनी सफलता के बजाय दूसरों को सफल बनाने की दिशा में काम करना जरूरी है।
भारत की GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में देश की GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है। उनके संबोधन में यह भी संदेश था कि Technology और Innovation का इस्तेमाल आर्थिक विकास के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए अवसर बढ़ाने में किया जाना चाहिए।
Renewable Energy में भारत की क्षमता चार गुना बढ़ी
भारत के Green Energy Transition पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में देश की Renewable Energy Capacity लगभग 75 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर करीब 300 गीगावाट हो गई है। यानी इस अवधि में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग चार गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहा यह बदलाव केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे निवेश, रोजगार और नए आर्थिक अवसरों की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
भारत को बताया लोकतंत्र की जननी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की भाषाई विविधता और लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए देश को ‘Mother of Democracy’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं, लगभग 80 हजार पंजीकृत समाचार पत्र और प्रकाशन तथा 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया की पहुंच का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में YouTube और Instagram के 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश में अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस होती है और लोग विभिन्न विचारों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में Digital Power की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए सरकार का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास शक्ति होने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि नागरिक व्यवस्था पर निर्भर होते जाएं। इसके बजाय सरकार का उद्देश्य लोगों की क्षमताओं को बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए। उन्होंने गरीबी उन्मूलन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले दस वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां सरकारी योजनाओं और विकास का लाभ लोगों को सशक्त बनाने में मदद करे।

