नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 13 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना Utility-Led Aggregation (ULA) मॉडल के तहत लागू की जाएगी। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से करीब 4.9 गीगावाट (GW) अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जुड़ने की उम्मीद है।
8,500 करोड़ रुपये का होगा निवेश
इन परियोजनाओं के लिए लगभग 8,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। योजना को बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) के माध्यम से लागू किया जाएगा ताकि बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को तेजी से पूरा किया जा सके।
क्या है ULA मॉडल?
Utility-Led Aggregation (ULA) मॉडल के तहत डिस्कॉम या नामित एजेंसियां उपभोक्ताओं की मांग को एक साथ जोड़कर बड़े स्तर पर रूफटॉप सोलर परियोजनाएं लागू करती हैं।
सरकार का मानना है कि इससे:
इंस्टॉलेशन प्रक्रिया आसान होगी
लागत में कमी आएगी
वेंडर चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी
बड़े पैमाने पर काम होने से इकॉनमी ऑफ स्केल का फायदा मिलेगा
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिली मंजूरी?
इस योजना के तहत जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मंजूरी मिली है, उनमें:
जम्मू और कश्मीर
लद्दाख
हिमाचल प्रदेश
उत्तराखंड
मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ
असम
मेघालय
नगालैंडऔर लक्षद्वीप शामिल हैं।
बिजली बिल घटाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर
सरकार का कहना है कि यह पहल घरेलू बिजली बिल कम करने, विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन बढ़ाने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही जिन क्षेत्रों में अभी रूफटॉप सोलर का प्रसार कम है, वहां स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को भी बढ़ावा मिलेगा।
एक करोड़ घरों तक सोलर पहुंचाने का लक्ष्य
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत केंद्र सरकार का लक्ष्य देशभर में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। इस योजना को भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और हरित ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
