दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से स्पष्टता मांगी है। सूत्रों के हवाले से बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि सीएम पद को लेकर “लगातार confusion” बना हुआ है। इसी के साथ उन्होंने कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion) को लेकर भी राहुल गांधी से मुलाकात की इच्छा जताई है।
नेतृत्व संकट की अटकलें फिर तेज
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कर्नाटक कांग्रेस (Karnataka Congress) में नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Change) को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व (Congress High Command) ने बार-बार किसी भी तरह के आंतरिक संकट से इनकार किया है।
खड़गे ने किया था विवाद से इनकार
पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने नेतृत्व संघर्ष की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि हाईकमान के स्तर पर कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने साफ कहा था कि राज्य इकाई के भीतर यदि कोई मुद्दा है तो उसका समाधान वहीं किया जाना चाहिए।
खड़गे ने यह भी चेतावनी दी थी कि कर्नाटक में कांग्रेस की चुनावी जीत का व्यक्तिगत श्रेय लेने से नेता बचें, क्योंकि पार्टी का संगठन दशकों की सामूहिक मेहनत से बना है।
सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ने खारिज किए मतभेद
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) दोनों ही बार-बार आपसी मतभेदों की खबरों को नकारते रहे हैं। सिद्धारमैया का कहना है कि उन्हें पार्टी नेतृत्व का पूरा भरोसा है और वे अपना पूरा कार्यकाल (Full Term) पूरा करेंगे। उन्होंने किसी भी तरह के rotational CM arrangement की बात को सिरे से खारिज किया है।
वहीं शिवकुमार ने भी इन खबरों को मीडिया की अटकलें और विपक्षी दलों का propaganda बताया है। उन्होंने कहा, “क्या सीएम और मैं भाइयों की तरह काम नहीं कर रहे? मुझे किसी भी कांग्रेस नेता से कोई मतभेद नहीं है।”
नेतृत्व विवाद की जड़ क्या है?
नेतृत्व विवाद की चर्चा एक कथित internal pact को लेकर है, जिसके तहत सिद्धारमैया और शिवकुमार को ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करना था। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को शपथ ली थी और माना जा रहा था कि नवंबर 2025 के आसपास बदलाव होगा। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो शिवकुमार समर्थक कुछ विधायकों ने दिल्ली जाकर अपनी मांगें तेज कर दीं।
हालांकि कांग्रेस ने साफ कहा है कि सत्ता साझा करने (Power Sharing) को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ था और सिद्धारमैया ही पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे।
बीजेपी का हमला
इस बीच बीजेपी (BJP) लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है। भाजपा का आरोप है कि कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व रोजाना सीएम पद की खींचतान में उलझा हुआ है और governance पर ध्यान नहीं दे पा रहा।
कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व भले ही सार्वजनिक तौर पर एकजुटता दिखा रहा हो, लेकिन अंदरूनी हलचल और “CM Issue” को लेकर confusion ने राजनीतिक माहौल को गर्माए रखा है। अब सबकी नजर राहुल गांधी और पार्टी हाईकमान के अगले कदम पर टिकी है।
