नई दिल्ली. 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने Operation Sindoor का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया है। राष्ट्रपति ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुछ ही घंटों में देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखाई भारतीय सेना की क्षमता
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि Operation Sindoor ने यह साबित किया कि भारतीय Armed Forces आतंक के नेटवर्क के खिलाफ precision strikes करने में सक्षम हैं। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया है।
राष्ट्रपति के संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत की सेनाएं पूरी तरह सक्षम हैं और आतंकवाद के खिलाफ देश का रुख स्पष्ट एवं दृढ़ है।
सिंधु जल संधि पर भी राष्ट्रपति ने रखी बात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Indus Waters Treaty का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ इस संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में लिया गया निर्णायक कदम है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों के हित का उल्लेख करते हुए कहा कि यह फैसला देश के कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सरकार की नीतियों का उद्देश्य देश के लोगों की सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है। जल संसाधनों और किसानों से जुड़े मुद्दों को भी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में inclusive development initiatives के माध्यम से 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि free ration programme के जरिए 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। राष्ट्रपति ने इसे देश में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
डिजिटल लेनदेन में भारत की बड़ी हिस्सेदारी
राष्ट्रपति ने भारत के तेजी से बढ़ते Digital Economy का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में होने वाले real-time digital transactions में भारत की हिस्सेदारी आधे से अधिक है। इससे भारत की डिजिटल क्षमता और तकनीकी बुनियादी ढांचे की मजबूती का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर वैश्विक औसत से दोगुने से अधिक रहने का अनुमान है। राष्ट्रपति ने इसे देश की आर्थिक मजबूती और विकास की क्षमता का संकेत बताया।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ी उपलब्धि बताया
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत को Naxal-free बनाने की दिशा में हुई प्रगति को भी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से Bastar का उल्लेख करते हुए वहां तेजी से हो रहे विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी की बात कही। राष्ट्रपति के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों में शांति और विकास का विस्तार देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
न्याय व्यवस्था में सभी को समान अवसर देने पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने न्याय व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने न्याय तक समान पहुंच को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों के हित, गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल प्रगति, आर्थिक विकास और नक्सलवाद के खिलाफ उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

