नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सत्ता के केंद्रीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां BJP-RSS सत्ता को कुछ हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं, वहीं कांग्रेस सत्ता के विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है।
केरल के कोच्चि (एर्नाकुलम) में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि BJP जनता की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन केरल के लोगों को चुप नहीं कराया जा सकता।
‘कुछ कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाना चाहती है BJP नोट
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP चाहती है कि देश में कुछ गिने-चुने कॉरपोरेट्स ही फलें-फूलें। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि ऐसे कॉरपोरेट्स देश की राष्ट्रीय संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर BJP, RSS और कांग्रेस के बीच फर्क को गहराई से देखें तो साफ दिखेगा कि वे सत्ता का केंद्रीकरण चाहते हैं, जबकि हम सत्ता का विकेंद्रीकरण चाहते हैं। वे देश की जनता से सिर्फ आज्ञाकारिता चाहते हैं, उनकी आवाज सुनना नहीं चाहते।
‘पंचायतों को वित्तीय अधिकार नहीं देना चाहती NDA’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार पंचायतों को वित्तीय अधिकार देने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि वह चाहती है कि सारी शक्तियां दिल्ली में केंद्रित रहें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF (United Democratic Front) जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस करता है और उसे बेरोजगारी जैसी समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
‘चुप्पी से नहीं बनते महान देश’
राहुल गांधी ने समाज में बढ़ती चुप्पी और उदासीनता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा महान देश और महान लोग चुप्पी से नहीं बनते। वे तब बनते हैं जब लोग अपने विचारों और मतों को खुलकर व्यक्त करते हैं और उनके लिए संघर्ष करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि चुप्पी की संस्कृति में लालच भी छिपा होता है, जहां लोग तब तक खामोश रहते हैं जब तक उन पर असर नहीं पड़ता, चाहे समाज में अन्याय, अपमान या हिंसा क्यों न हो।
चुनावी माहौल में बयान
गौरतलब है कि इस साल केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में भी चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान चुनावी रणनीति और सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
