नई दिल्ली. NEET 2026 में कथित पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने संविधान के Article 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए छात्रों को यह राहत दी है। यह आदेश दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर लागू होगा।
दिल्ली में हजारों छात्रों ने किया था प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इन प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली पुलिस ने कुल 13 FIR दर्ज की थीं। कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शन में शामिल छात्रों को इन मामलों में बड़ी राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
पुराने आपराधिक मामलों वाले लोगों को राहत नहीं
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में एक महत्वपूर्ण अपवाद भी रखा है। जिन लोगों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका Criminal Record है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली पुलिस 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकती है, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले या रिकॉर्ड मौजूद हैं।
CJI ने स्पष्ट किया कि इन लोगों के अलावा प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्रों के खिलाफ नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। इस तरह कोर्ट ने एक तरफ छात्रों को राहत दी है, वहीं पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले लोगों के मामलों को अलग रखा है।
दूसरे राज्यों में दर्ज FIR पर भी सुप्रीम कोर्ट का रुख साफ
सुनवाई के दौरान Solicitor General ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी इसी तरह का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि किसी राज्य में प्रदर्शन से संबंधित ऐसी FIR दर्ज है, जिसकी जानकारी कोर्ट के सामने नहीं रखी गई है, तो राज्य उसके Quashing के अनुरोध का विरोध नहीं करेगा।
इससे उन छात्रों को भी राहत मिलने की संभावना है, जिनके खिलाफ प्रदर्शन के सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन उनकी जानकारी अभी सुप्रीम कोर्ट के सामने नहीं आई है।
छात्रों की आत्महत्या के मामलों में मुआवजे पर भी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने NEET 2026 परीक्षा से कथित तौर पर जुड़े छात्रों की आत्महत्या के मामलों में मुआवजे के मुद्दे पर भी सुनवाई की। कोर्ट को बताया गया कि इस संबंध में एक Compensation Policy तैयार की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संबंधित नीति तीन महीने के भीतर तैयार किए जाने की जानकारी कोर्ट को दी गई है।
छात्रों को बड़ी कानूनी राहत
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कथित पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ करते हुए यह भी सुनिश्चित किया है कि पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों के मामलों में कार्रवाई जारी रहे। इससे NEET Protest और कथित Paper Leak विवाद से जुड़े कई छात्रों को बड़ी कानूनी राहत मिल सकती है।
