नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश में छोटे कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत ₹1,000 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की है। इस राशि से 11 हजार से अधिक लाभार्थियों को अपना सूक्ष्म उद्यम शुरू करने में मदद मिलेगी। इन लाभार्थियों के प्रोजेक्ट के लिए बैंकों ने करीब ₹3,200 करोड़ से अधिक के ऋण मंजूर किए हैं।
जितन राम मांझी ने जारी की सब्सिडी की राशि
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय MSME मंत्री जितन राम मांझी ने सब्सिडी जारी की। यह सहायता उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं और जिन्हें शुरुआती पूंजी की जरूरत होती है।
सरकार की इस पहल के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी। बैंक से मंजूर ऋण और मार्जिन मनी सब्सिडी के माध्यम से लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जितन राम मांझी ने कहा कि सरकार इच्छुक उद्यमियों को पर्याप्त संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपने कारोबारी विचारों को सफल उद्यम में बदल सकें।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के उद्यमियों, महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को सहयोग देने पर जोर दिया। इस सहायता का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद करना है।
क्या है PMEGP योजना?
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister’s Employment Generation Programme) केंद्र सरकार की प्रमुख ऋण-आधारित सब्सिडी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके टिकाऊ स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में सहायता दी जाती है। इससे कारोबार शुरू करने की शुरुआती वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। सरकार की इस पहल से छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन को भी गति देने का लक्ष्य है।

