नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कपास (Cotton) के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) से अस्थायी छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट 1 जून से 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी। सरकार का यह कदम घरेलू कपास उद्योग और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
कपास उद्योग को राहत देने के लिए फैसला
वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) ने अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि यह निर्णय कपास आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित रखने और उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
ऑफ-सीजन में आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश
सरकार के अनुसार यह छूट कपास के ऑफ-सीजन में लागू की गई है, जिससे देश में कपास की उपलब्धता बनी रहे और टेक्सटाइल उद्योग को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।
MSME सेक्टर को मिलेगा फायदा
इस फैसले से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और भारतीय कपड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से किसानों के हितों की रक्षा होगी और बाजार में स्थिरता बनी रहेगी। सरकार का उद्देश्य पूरे कपास वैल्यू चेन को संतुलित और मजबूत बनाए रखना है।
