नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के लिए संशोधित मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को व्यापक ऋण सहायता उपलब्ध कराना है।
से किसानों को आधुनिक खेती के लिए वित्तीय मदद मिल सकेगी
नए मसौदे के तहत कृषि-तकनीक (Agri-tech) से जुड़े खर्चों—जैसे मृदा परीक्षण (Soil Testing), मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) और ऑर्गेनिक प्रमाणन को भी पात्र कृषि ऋण घटकों में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे किसानों को आधुनिक खेती के लिए वित्तीय मदद मिल सकेगी।
RBI ने प्रस्तावित किया है कि प्रति उधारकर्ता 2 लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध गतिविधियों से जुड़े ऋण पर जमानत (Collateral) और मार्जिन की शर्तों में छूट दी जाएगी।
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ड्रॉइंग लिमिट को फसल-वार स्केल ऑफ फाइनेंस के अनुरूप तय किया गया है। वहीं, एक हेक्टेयर तक भूमि रखने वाले सीमांत किसानों के लिए 10,000 से 50,000 रुपये तक की लचीली क्रेडिट सीमा का प्रस्ताव रखा गया है।
मसौदे में अल्पकालिक फसलों के लिए फसल अवधि 12 महीने और दीर्घकालिक फसलों के लिए 18 महीने मानकीकृत की गई है। साथ ही, KCC की वैधता अवधि बढ़ाकर 6 वर्ष करने का प्रस्ताव है। RBI ने इस मसौदे पर 6 मार्च 2026 तक सुझाव और प्रतिक्रिया आमंत्रित की है।
