त्रिपुरा-असम में बाढ़ का कहर, सुध लेने को तैयार नहीं सरकार

नई दिल्ली. देश के पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है. असम और त्रिपुरा में अचानक आये बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हो गये हैं. त्रिपुरा के तीन जिलों में अचानक बाढ़ आने से कम से कम 4,500 परिवार बेघर हो गए हैं. बाढ़ के कारण अब तक पांच लोगों के मारे जाने की खबर है. वहीं असम में भी धेमाजी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि लखीमपुर, कोकराझार और मोरिगांव में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके बाद असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या अब तक 89 पहुँच चुकी है. असम के 19 जिलों के 1752 जलमग्न हो गये हैं.  ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं. जिससे 12 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. असम आपदा प्रबंधन के अनुसार अब तक 63,797 लोगों को बाढ़ से  बचाकर राहत शिविर में पहुँचाया गया है.

काजीरंगा हुआ जलमग्न 

वहीं असम के काजीरंगा पार्क का आधा से ज्यादा भाग जलमग्न हो गया है. जिससे जानवरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. काजीरंगा डिवीज़न के फारेस्ट अधिकारी रोहिणी बल्लभ सैकिया का कहना है कि 188 में से 89 ऐसे अस्थायी कैंप है जो बाढ़ से बुरी तरीके से प्रभावित हैं. वहीं ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वहीं पिछले महीने आये बाढ़ के कारण 107 से ज्यादा जानवर मारे गये थे, जिनमें सात गेंडे भी शामिल थे.

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