नई दिल्ली. झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल पाया है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने आंदोलन स्थल से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो को हटाने की कोशिश की।
छात्रों का कहना है कि आंदोलन को कमजोर करने और प्रदर्शनकारियों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो को हटाने की कोशिश का आरोप
प्रदर्शन में शामिल प्रेम नायक ने आरोप लगाया कि शनिवार रात देवेंद्र नाथ महतो को आंदोलन स्थल से हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन का रवैया देखकर ऐसा लगता है कि देवेंद्र नाथ महतो को आंदोलन से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी ने इसकी तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हटाए जाने की घटना से की। हालांकि, यह प्रदर्शनकारियों का आरोप है और सरकार की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
छात्रों का दावा- नेतृत्व हटने से आंदोलन कमजोर करने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन में लगातार सक्रिय हैं और उनके मौजूद रहने से छात्रों की संख्या बढ़ रही है। उनका आरोप है कि सरकार को डर है कि यदि आंदोलन का नेतृत्व मजबूत रहा तो प्रदर्शन और व्यापक हो सकता है।
प्रेम नायक ने दावा किया कि आंदोलन स्थल पर लगातार छात्रों की संख्या बढ़ रही है और आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन तेज होने की संभावना है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
सरकार और छात्रों के बीच पांच दौर की बातचीत
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र संगठनों और झारखंड सरकार के बीच अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, इन बैठकों के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है।
सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को एक बार फिर बातचीत होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की मांगों और समस्याओं से अवगत करा दिया गया है और मामले में उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
छात्रों की मांगों पर अब भी नहीं बनी सहमति
छात्रों का आंदोलन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बातचीत के कई दौर होने के बावजूद जब उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनी तो आंदोलन जारी है।
छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना
बातचीत के बावजूद गतिरोध जारी रहने पर भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला बोला है। भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई
संजय सेठ ने कहा कि यदि राज्य सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है तो मुख्यमंत्री को आंदोलन के शुरुआती दौर में ही प्रदर्शन स्थल पर पहुंचना चाहिए था। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग का समर्थन किया।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार को सीबीआई जांच कराने में आपत्ति क्यों है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए झारखंड आकर छात्रों के आंदोलन पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी।
आंदोलन और राजनीतिक टकराव दोनों तेज
झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद अब केवल छात्रों और सरकार के बीच बातचीत तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
रविवार को होने वाली सरकार और छात्रों की अगली बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है। फिलहाल छात्रों की मांग, सरकार का रुख और विपक्ष की राजनीति के बीच झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है।

