नई दिल्ली. कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने शुक्रवार को Rajasthan सरकार के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य राज्य में चल रही कौशल विकास पहलों की प्रगति की समीक्षा करना और रोजगार क्षमता (Employability) को मजबूत करने के लिए रोडमैप तैयार करना था।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री Jayant Chaudhary ने की। मंत्रालय के अनुसार, बैठक में केंद्र और राज्य के बीच प्रमुख योजनाओं पर सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया।
जयपुर और भरतपुर में खुलेंगे स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर
बैठक में राजस्थान में दो Skill India International Centres स्थापित करने पर विशेष चर्चा हुई। प्रस्तावित केंद्र जयपुर और भरतपुर में स्थापित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य युवाओं के लिए विदेशी रोजगार और वैश्विक कार्यबल में भागीदारी के संरचित अवसर तैयार करना है।
इसके साथ ही PM Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs (PM-SETU) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) को उन्नत कर उन्हें आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा रहा है।
गुणवत्ता, उद्योग साझेदारी और रोजगार परिणामों पर जोर
Jayant Chaudhary ने कहा कि राजस्थान का व्यापक संस्थागत ढांचा और बड़े पैमाने पर आईटीआई नेटवर्क उसे देश के कौशल परिवर्तन अभियान में अग्रणी बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि अगला चरण गुणवत्ता सुधार, उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी और रोजगार के मापनीय परिणामों पर केंद्रित होना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि PM-SETU के तहत आईटीआई के आधुनिकीकरण, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग केंद्रों की स्थापना से राज्य के युवाओं को घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
पारंपरिक और आधुनिक कौशल का समन्वय
बैठक में भविष्य के कौशल जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी सर्विसिंग और डिजिटल तकनीकों को PM Vishwakarma के तहत समर्थित पारंपरिक क्षेत्रों के साथ जोड़ने पर भी बल दिया गया। इसका उद्देश्य राज्य की विकास रणनीति में विरासत और नवाचार को एक साथ आगे बढ़ाना है।
राजस्थान देश के सबसे बड़े आईटीआई नेटवर्क वाले राज्यों में से एक है और भारत के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है।
