नई दिल्ली. खगोलीय घटनाओं में रूचि रखने वाले लोगों के लिए आज का दिन बेहद ख़ास है. आज रात चांद अलग ही छठा बिखेरता हुआ नज़र आएगा. बुधवार को ऐसी स्थिति बनेगी जिसमे सुपर मून, ब्लू मून और चंद्र ग्रहण देश के अलग-अलग हिस्सों में शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक दिखाई देगा. ऐसा दुर्लभ संयोग 152 साल बाद बन रहा है. इस आकाशीय घटना को सुपर ब्लू ब्लड मून कहते हैं.
चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण के विपरीत नग्न आंखो से भी देखा जा सकता है. अगर आप भी चाहते हैं कि यह घटना बिना किसी बाधा के देखी जा सके, तो पहले से ही ऊंची इमारत की छत, पेड़ या फिर ऐसी जगह ढूंढ लीजिए जहां से आसमान साफ दिखाई दे.
ब्लू मून

ब्लू मून प्रत्येक ढाई साल में एक बार होता है. 31 जनवरी के बाद 31 मार्च को ब्लू मून होगा. साल में दो ब्लू मून होना दुर्लभ घटना है. ऐसी घटनाएं शताब्दी में सिर्फ तीन से पांच बार ही होती हैं. वहीं लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ़ रहे ताकि यह नजारा देखा जा सके. अगर कोहरा या धुंध रहता है तो नंगी आंखो के अलावा इसे टेलिस्कोप से भी नहीं देखा जा सकेगा.
लाल हो जाएगा चांद

कुछ जगहों पर सुपर ब्लड मून का दुर्लभ नजारा भी दिखेगा. जिसमे चांद एकदम खून की तरह लाल दिखाई देगा. यह आकार में बड़ा और चमकदार होगा. यह सूर्यास्त के समय सुर्ख रंग का होगा. हवा में मौजूद कणों की वजह से पृथ्वी पर यह लाल रंग का दिखाई देता है.
पवित्र नदी में स्नान का विशेष महत्व
यह चन्द्र ग्रहण भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्री लंका, कोरिया, रूस वगैरह में दिखेगा. चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल सांयकाल 05:18 बजे, मध्यम शाम 07:00 बजे और मोक्ष काल रात्रि 08:42 मिनट पर होगा. ग्रहण का सूतक सुबह 08:34 मिनट पर लगेगा. कर्क राशि पर इसका प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए. सूतक और ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप और दान करना चाहिए. वहीं पवित्र नदी में स्नान और हवन तथा दान का इस समय विशेष महत्व है.