नई दिल्ली. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में आरोपी डीजी वंजारा और दिनेश एमएन को सीबीआई की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है. सबूत के अभाव में दोनों को बरी किया गया है. मुंबई में सीबीआई की कोर्ट ने बहस के बाद सुबूतों के अभाव में दोनों को बरी कर दिया.
इससे पहले साल 2005 में हुए सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत ‘कॉन्ट्रैक्ट हत्या’ है. इस आरोप के बाद उन्हें कई साल जेल में बिताने पड़े थे. जिसके बाद साल 2014 में वंजारा को ज़मानत मिल गई थी.
मालूम हो कि इन दोनों के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित कई दूसरे नेताओं का नाम भी इस केस में सामने आया था. जिसमें सभी को पहले ही बरी कर दिया गया है. बंजारा अपने कार्यकाल के दौरान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में मशहूर रह चुके हैं. वंजारा को गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनका बेहद करीबी अधिकारी माना जाता था.
