नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज धूल भरी आंधी, गरज-चमक और बारिश ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद आई इस आंधी और बारिश ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही सामान्य जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई, जबकि बिजली चमकने और तेज बारिश के चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
128 किमी प्रति घंटे तक पहुंची हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के पूसा क्षेत्र में देर रात हवा की अधिकतम गति 128 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वहीं पालम क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जो पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड की बराबरी करती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि पालम में शाम 6 बजकर 50 मिनट से 6 बजकर 52 मिनट के बीच 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे पहले 4 जून 2001 को भी यहां इतनी ही तेज हवा दर्ज की गई थी।
कई इलाकों में चली तेज हवाएं
दिल्ली के अन्य मौसम केंद्रों पर भी तेज हवाएं दर्ज की गईं। सफदरजंग में 64 किमी/घंटा, जाफरपुर में 59 किमी/घंटा, छतरपुर में 56 किमी/घंटा, पीतमपुरा में 35 किमी/घंटा, लोधी रोड में 31 किमी/घंटा और जनकपुरी में 30 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। तेज हवाओं और धूल भरी आंधी के कारण कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं।
उड़ान सेवाओं पर पड़ा बड़ा असर
खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार दिल्ली आने और यहां से रवाना होने वाली 400 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। कई विमानों को देरी से उड़ान भरनी पड़ी, जबकि कुछ उड़ानों के संचालन में भी व्यवधान आया। यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और एयरलाइंस को अपने उड़ान कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ा।
गर्मी से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट
आंधी और बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू जैसे हालात से लोगों को राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है, जिससे गर्मी का असर काफी हद तक कम होगा।
चक्रवाती परिसंचरण बना मौसम बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह मौसम प्रणाली विकसित हुई। इसके साथ अरब सागर से आने वाली नमी और दिन के समय अत्यधिक गर्मी ने मिलकर तेज आंधी और गरज-चमक वाले बादलों के निर्माण को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में इस तरह की प्री-मानसून गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं।
11 जून से बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 11 जून से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश की गतिविधियां और व्यापक हो सकती हैं। इसके चलते कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बढ़ने से तापमान में और गिरावट आएगी तथा लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
आईएमडी ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों में न रहें और पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण लेने से बचें।
प्री-मानसून गतिविधियों ने बढ़ाई चिंता
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में प्री-मानसून मौसम प्रणाली लगातार सक्रिय हो रही है। तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और अचानक होने वाली बारिश की घटनाएं अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है
