सुजानपुर(हमीरपुर). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सपना, जिसमें गैस सबसिडी छोड़ने की बात कही गई थी वह सुजानपुर में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है. प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी. अब यह जानना भी जरूरी है कि इस अपील का क्या हुआ.
मोदी ने सत्ता संभालते ही अति निर्धन वर्ग के उत्थान के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत ऐसे परिवारों को घरेलू गैस कनेक्शन दिए जाने थे, जो आज तक चूल्हे में ही आग जलाकर अपना पालन-पोषण कर रहे थे. गरीब परिवारों को धुंए से मुक्ति मिले, गरीब के घर में भी घरेलू गैस कनेक्शन पहुंचे, इसी उद्देश्य से उज्ज्वला योजना शुरू की गई थी.
सुजानपुर में 50 हजार की जनसंख्या
उज्ज्वला योजना शुरू करने के साथ ही देश के प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की थी कि जो आर्थिक दृष्टि से पूरी तरह निपुण हैं वह सब्सिडी त्याग दें. अपील की गई थी कि अमीर परिवारों को गैस सबसिडी छोड़ देनी चाहिए. उनके द्वारा छोड़ी गई गैस सबसिडी से किसी गरीब के घर में गैस कनेक्शन पहुंचा सकती है. हैरानी की बात है कि सुजानपुर में 50 हजार की जनसंख्या है. इसके बाद भी केवल 8 परिवारों ने ही अपने सब्सिडी को छोड़ने की जहमत उठाई है.
कोई भी गैस सबसिडी नहीं छोड़ना चाहता
इन आंकड़ों को देखकर यह पता लगाया जा सकता है सुजानपुर में कोई भी गैस सबसिडी नहीं छोड़ना चाहता. चाहे वह अमीर परिवार हो या गरीब. इस संबंध में गैस एजेंसी सुजानपुर प्रभारी रणदेव कुमार ने बताया कि आज तक मात्र आठ परिवारों ने गैस सबसिडी लेना बंद किया है.