नई दिल्ली. अफगानिस्तान के हेरात के जवादया मस्जिद पर आतंकी हमले में 29 लोगों की जानें चली गई है. इस हमले में 63 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. आशंका है कि मरने वालों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हमलावर ने मस्जिद में पहुंचकर खुद को बम से उड़ा दिया.
पुलिस प्रवक्ता अब्दुल हाई वलीजादा के मुताबित हमलावर एक से अधिक थे. उनमें एक ने खुद को बम से उड़ा दिया. इसके बाद दूसरे ने नमाज़ियों पर ग्रेनेड से हमला किया. हमले के वक्त मौजूद एक नमाजी मोहम्मद ने कहा कि दो हमलावरों ने गोलियां चलाई और ग्रेनेड दागे.
हमला उस वक्त हुआ जब 300 से अधिक लोग नमाज अदा कर रहे थे. इस दौरान थोड़े अंतराल में दो बड़े धमाके हुए. धमाकों के बाद मस्जिद को भारी नुकसान हुआ. उसकी खिड़कियां टूट गयीं और मस्जिद के चारों ओर लाश और खून फैल गया.
जवादया मस्जिद से 50 मीटर की दूरी पर अफगान नेशनल पुलिस की चौकी है. लेकिन घटना के वक्त पुलिस अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पायी. पुलिस के रवैये से नाराज भीड़ ने बेकाबू होकर पुलिस वालों और चौकी पर अपना गुस्सा उतारा. हेरात शहर के गवर्नर ने कहा कि दर्जनों लोगों ने कानून को हाथ में लिया, पुलिस पर पत्थर फेंके और आग लगायी. उन्होनें कहा कि अब तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेवारी नहीं ली है.
गौरतलब है कि यह मस्जिद अल्पसंख्यक शिया मुसलमानों की सबसे बड़ी मस्जिद है. हेरात, ईरान की सीमा से सटा हुआ अफगानिस्तान का पश्चिमी शहर है.