नई दिल्ली. भारत की National Defence Academy (NDA) ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया, जब 17 महिला कैडेट्स ने 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ Passing Out Parade (POP) में हिस्सा लिया। यह अवसर इसलिए खास है क्योंकि यह NDA में अब तक का पहला Co-Education Batch रहा, जहां पुरुष और महिला कैडेट्स ने साथ मिलकर ट्रेनिंग पूरी की।
Khadakwasla स्थित त्रि-सेवा अकादमी के Khetarpal Parade Ground पर आयोजित यह परेड, ‘अंतिम पग’ नामक पारंपरिक मार्च के साथ सम्पन्न हुई, जिसे NDA में Leadership की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
Women Power at NDA: नारी शक्ति ने बढ़ाया मान
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने पूर्व थल सेना प्रमुख और मिजोरम के राज्यपाल General V.K. Singh, जिन्होंने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “यह दिन केवल NDA के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण है। यह Inclusivity और Women Empowerment की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
इन महिला कैडेट्स की कहानियां बनीं प्रेरणा
हरसिमरन कौर (Harsimran Kaur) – पिता हवलदार, बेटी बनी Division Cadet Captain
हरियाणा की हरसिमरन कौर ने न सिर्फ NDA से ग्रेजुएशन किया बल्कि DCC (Division Cadet Captain) बनने का गौरव भी हासिल किया। उनकी यह यात्रा लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है।
इशिता शर्मा (Ishita Sharma) – नॉन-मिलिट्री बैकग्राउंड, फिर भी बनी DCC
बिना किसी सैन्य पृष्ठभूमि से आने के बावजूद इशिता शर्मा ने साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
रितु दुहन (Ritu Duhan) – पहली महिला बनीं Battalion Cadet Captain
इतिहास में पहली बार किसी महिला को BCC (Battalion Cadet Captain) बनने का सम्मान मिला है। यह उपलब्धि रितु दुहन के नाम रही।
कब और कैसे शुरू हुई महिला कैडेट्स की एनडीए में एंट्री?
2021 में Supreme Court के आदेश के बाद UPSC ने महिलाओं को NDA परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी। इसके बाद 2022 में 17 महिलाओं ने 148वें कोर्स में प्रवेश लिया और अब 2025 में ये सभी Women NDA Cadets ग्रेजुएट होकर निकल रही हैं।Cadet Captain Udayveer Negi ने 148वें कोर्स की परेड की अगुआई की।
Future Leadership की नींव
General V.K. Singh ने कहा, “मैं उस दिन की कल्पना करता हूं जब इनमें से कोई महिला कैडेट भविष्य में भारतीय सेना की शीर्ष भूमिका में होगी। ये महिलाएं Women-Led Growth का प्रतीक हैं और एक सशक्त भारत की नींव रख रही हैं।”
