नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि राज्य में 30 अप्रैल 2026 से पहले पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। यह फैसला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा तय की गई समय-सीमा के अनुरूप लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में हुआ विस्तार से विचार
कैबिनेट बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि हालांकि ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं थे, लेकिन अतिरिक्त विषय के तौर पर इस पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार समय पर चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पहले ‘अध्ययन’ वाले बयान का अर्थ यह नहीं था कि सरकार हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगी।
ग्रामीण विकास मंत्री ने दी जमीनी हालात की जानकारी
बैठक में मौजूद ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने पंचायत चुनावों को लेकर जमीनी स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसके आधार पर कैबिनेट ने चुनाव कराने के पक्ष में सहमति जताई।
आपदा प्रबंधन अधिनियम और चुनाव का कोई संबंध नहीं
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act) को लेकर पूछे गए सवाल पर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हालात सामान्य होने पर यह अधिनियम हटाया जाएगा। आपदा प्रबंधन अधिनियम और पंचायत चुनावों का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में कुल 58 एजेंडे पारित किए गए।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
गौरतलब है कि 9 जनवरी को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने,पंचायत चुनावों को छह महीने टालने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को निर्देश दिया था कि 30 अप्रैल 2026 से पहले पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराए जाएं,पूरी चुनाव प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी की जाएयह आदेश वकील मंदीप चंदेल द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमीश वर्मा की खंडपीठ ने की।
पहले क्यों टाले गए थे चुनाव
राज्य सरकार ने पहले
सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए भारी नुकसान
सड़कों की खराब स्थिति
राज्य में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू होने
का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया रोकने का अनुरोध किया था।
