नई दिल्ली: देश में केमिकल सेक्टर को नई गति देने और निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) की बैठक में भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA-Rasayan Scheme) को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत देश में तीन समर्पित (Dedicated) Chemical Parks विकसित किए जाएंगे। इस योजना की घोषणा Union Budget 2026-27 में की गई थी और अब इसे औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
₹3,030 करोड़ का होगा कुल बजट
नई दिल्ली में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि BHAVYA-Rasayan Scheme के लिए कुल ₹3,030 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसमें ₹3,000 करोड़ की राशि केमिकल पार्कों में Common Infrastructure Facilities और Basic Utilities तैयार करने पर खर्च की जाएगी, जबकि ₹30 करोड़ प्रशासनिक खर्च के लिए निर्धारित किए गए हैं।
हर पार्क के लिए केंद्र देगा ₹1,000 करोड़ तक की सहायता
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत बनने वाले प्रत्येक Chemical Park के लिए केंद्र सरकार अधिकतम ₹1,000 करोड़ तक की वित्तीय सहायता देगी। हालांकि इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को कम से कम ₹500 करोड़ का योगदान देना होगा। यानी यह योजना Centre-State Partnership Model पर आधारित होगी, जिससे केंद्र और राज्य मिलकर आधुनिक औद्योगिक ढांचा तैयार करेंगे।
पांच वर्षों तक लागू रहेगी योजना
BHAVYA-Rasayan Scheme को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक, यानी कुल पांच वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। इस दौरान चयनित राज्यों में अत्याधुनिक केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन Dedicated Chemical Parks के बनने से देश में Chemical Industry, Manufacturing, Industrial Investment और Make in India अभियान को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और भारत वैश्विक केमिकल निर्माण क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर सकेगा।

