धर्मशाला. वाइल्ड लाइफ स्नो लाइन में ट्रैप कैमरे लगाने जा रहा है. स्नो लाइन (बर्फानी क्षेत्र) में कैमरे लगने से बर्फानी तेंदुए की मौजूदगी पर नजर रखा जाएगा. यही नहीं भालू समेत अन्य जानवरों की वर्तमान में क्या स्थिति है, ये भी साफ होगी.

ट्रैप कैमरे उच्च क्वालिटी के कैमरे होते हैं जिनमें मोशन और इन्फ्रारेड सेंसर लगे होते हैं. बर्फीले इलाकों में अलावा घने जंगलों में यह वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में काफी कारगर साबित होते हैं.

योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा काम

वन्य प्राणी विभाग के उच्चाधिकारियों को अपने विशेषज्ञ अधिकारियों के प्रशिक्षण पूरा करने का इंतजार है, जोकि देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे हैं. जिनके प्रशिक्षित होने के बाद इस दिशा में वन्य प्राणी विभाग अपनी कदमताल शुरू करेगा. ट्रैप कैमरे लगाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा. वन्य प्राणी विभाग के उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला के तहत जिला कांगड़ा में धौलाधार सेंक्चुअरी क्षेत्र और जिला चंबा के तहत कुगती, तुदां, सेचुतुआन समेत कई ऐसे स्थान हैं जहां बर्फानी तेंदुआ होने की विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों को भी उम्मीद है.

विशेषज्ञ अधिकारियों का प्रशिक्षण

विशेषज्ञ अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही उपरोक्त स्नो लाइन में ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे. इसके लिए देहरादून में विशेषज्ञ अधिकारी प्रशिक्षण लेंगे. उनके प्रशिक्षित होने के बाद ही इस दिशा में कार्य शुरू होगा. कांगड़ा के धौलाधार सहित चंबा की कुगती, तुंदा, सेचुतुआन इत्यादि कई स्थानों में बर्फानी तेंदुए के होने की उम्मीद हैं. वहीं, अन्य जानवरों की स्थिति भी साफ हो पाएगी.