नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। 94,000 टन LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) लेकर जा रहे दो और भारतीय ध्वज वाले टैंकर युद्ध प्रभावित हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुके हैं। इन दोनों LPG कैरियर्स — BW TYR और BW ELM — के अगले दो दिनों में भारतीय तटों पर पहुंचने की उम्मीद है।
BW TYR के कल मुंबई पहुंचने की संभावना है, जबकि BW ELM न्यू मैंगलोर के लिए रवाना है और उसके 1 अप्रैल तक पहुंचने का अनुमान है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच अहम समुद्री मार्ग पर असर
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों तथा तेहरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग थम गई है। यह संकरा समुद्री मार्ग खाड़ी देशों से दुनिया भर में तेल और गैस निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, ईरान ने पिछले सप्ताह कहा था कि “गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज” आवश्यक समन्वय के बाद इस जलमार्ग से गुजर सकते हैं।
पहले भी चार भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित पहुंचे
इससे पहले भी चार भारतीय ध्वज वाले LPG टैंकर सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच चुके हैं। Pine Gas और Jag Vasant, जिनमें कुल 92,612 टन LPG लदी थी, 26 मार्च से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे। वहीं, MT Shivalik और MT Nanda Devi, जो करीब 92,712 टन LPG लेकर आए थे, 16 मार्च और 17 मार्च को क्रमशः गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचे थे।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से LPG और कच्चे तेल की आपूर्ति का सुरक्षित बने रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
इन टैंकरों का सुरक्षित भारत पहुंचना यह संकेत देता है कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल जारी है, जिससे घरेलू बाजार और उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।
