नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने राज्य में हुई भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित कर दी। भाजपा ने मांग की कि पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके।
सदन शुरू होते ही भाजपा विधायकों का प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पद छोड़ने की मांग भी उठाई।
विपक्षी विधायकों के लगातार विरोध के कारण सदन में माहौल काफी गरम हो गया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कई बार भाजपा विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
प्रश्नकाल में भी जारी रहा विरोध
भाजपा विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान भी अपना विरोध जारी रखा। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भाजपा का कहना है कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं के बीच गंभीर चिंता है और सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने दोहराई सीबीआई जांच की मांग
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराई जानी चाहिए और जांच की निगरानी अदालत द्वारा नियुक्त समिति के माध्यम से होनी चाहिए।
भाजपा का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। पार्टी का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक अभ्यर्थियों की चिंताओं का समाधान नहीं हो सकता।
कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग का किया विरोध
सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा की सीबीआई जांच की मांग का विरोध किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो की विश्वसनीयता पर सवाल उठ चुके हैं और राज्य सरकार पहले से ही छात्रों की शिकायतों को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य का अपराध अनुसंधान विभाग पहले से ही जांच कर रहा है। ऐसे में अलग से सीबीआई जांच की मांग उचित नहीं है।
सरकार ने कहा- छात्रों की शिकायतों को दूर करेंगे
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार विपक्ष की ओर से उठाई जा रही छात्रों की चिंताओं से अवगत है। उन्होंने भरोसा दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए राज्य लोक सेवा आयोग की पहली और दूसरी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। मंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियां मिली थीं।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अब राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। भाजपा जहां पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच और अदालत की निगरानी की मांग कर रही है, वहीं सरकार का कहना है कि राज्य का अपराध अनुसंधान विभाग पहले से ही आरोपों की जांच कर रहा है।
विधानसभा में हुए हंगामे के कारण मानसून सत्र की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे भी टकराव जारी रहने के आसार हैं। छात्रों और अभ्यर्थियों की शिकायतों तथा भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच को लेकर आने वाले दिनों में विधानसभा में फिर से हंगामा होने की संभावना बनी हुई है।

