नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण कोई सुचारु कार्यवाही नहीं हो सकी। NEET Paper Leak और Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। अब संसद की अगली बैठक 22 जुलाई सुबह 11 बजे होगी।
राहुल गांधी ने स्पीकर से की चर्चा की मांग
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है।
संसद परिसर के बाहर भी विपक्ष का प्रदर्शन
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से NEET मामले तथा पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने की मांग की।
लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बार-बार अपील के बावजूद जब व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी तो लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले कुछ समय के लिए स्थगित की गई और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की अध्यक्षता कर रहे दिलीप सैकिया ने सांसदों से कहा कि पूरे देश की नजर संसद पर है और सदन में बैनर, पोस्टर और काला कपड़ा लाना संसदीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठकर कार्यवाही चलने देने की अपील की।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार की अनुमति आवश्यक है। उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया कामकाज बाधित करने का आरोप
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मंशा सदन चलने देने की नहीं है और लगातार हंगामे से जनता के पैसे और संसद का बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है।
महत्वपूर्ण विधेयकों पर नहीं हो सकी चर्चा
मंगलवार को सरकार राज्यसभा में Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 और लोकसभा में Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 पर चर्चा और आगे की प्रक्रिया शुरू करना चाहती थी, लेकिन लगातार हंगामे के कारण इन विधायी कार्यों पर कोई प्रगति नहीं हो सकी।

