नई दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। संसद से पिछले महीने पारित होने के बाद अब राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के साथ ही यह विधेयक कानून बन गया है। इस संशोधन के जरिए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण के मामले में राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान दर्जा दिया गया है। सरकार के इस कदम से वंदे मातरम् के गायन और उसकी गरिमा को लेकर कानूनी प्रावधान पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और मजबूत हो गए हैं।
वंदे मातरम् को मिला राष्ट्रीय गान जैसा कानूनी संरक्षण
नए कानून के तहत Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन किया गया है। संशोधन के बाद मूल कानून की धारा 3 के तहत मिलने वाला संरक्षण अब वंदे मातरम् पर भी लागू होगा। इसका मतलब है कि वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या इसे गाने वाले किसी समूह के आयोजन में व्यवधान पैदा करना अपराध की श्रेणी में आएगा। इस तरह राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है।
संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी
Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को संसद ने पिछले महीने पारित किया था। इसके बाद विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति मिलने के बाद यह संशोधन अब प्रभावी कानून का हिस्सा बन गया है। इसके साथ ही वंदे मातरम् की गरिमा और उसके सार्वजनिक गायन से जुड़े मामलों के लिए कानूनी व्यवस्था और अधिक स्पष्ट हो गई है।
जानबूझकर बाधा डालना माना जाएगा अपराध
संशोधित कानून में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन को बाधित करने पर विशेष जोर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकने की कोशिश करता है या ऐसे समूह के कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करता है जो राष्ट्रीय गीत गा रहा है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। इस संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और उनकी गरिमा को बनाए रखने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करना है।
राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान के संरक्षण में समानता
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद Vande Mataram को अब कानूनी संरक्षण के लिहाज से Jana Gana Mana के समान स्थिति मिल गई है। संशोधित कानून राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े दोनों महत्वपूर्ण गीतों की गरिमा की रक्षा के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है। सरकार के इस फैसले को राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और उनकी प्रतिष्ठा को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

