नई दिल्ली. Vijay ने रविवार को Tamil Nadu के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में आयोजित समारोह में विजय ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 1967 के बाद पहली बार राज्य का मुख्यमंत्री DMK या AIADMK से बाहर किसी अन्य दल से बना है।
सिनेमा सुपरस्टार से मुख्यमंत्री तक का सफर
“थलापति” के नाम से मशहूर विजय का फिल्मी दुनिया से राजनीति तक का सफर अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गया है। 51 वर्षीय अभिनेता-राजनेता ने विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार किया। 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, जिसे विजय ने सहयोगी दलों के समर्थन से हासिल कर लिया।
कांग्रेस समेत कई दलों ने दिया समर्थन
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब Indian National Congress ने DMK से दूरी बनाकर विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam को समर्थन देने का फैसला किया। इसके अलावा Viduthalai Chiruthaigal Katchi, Indian Union Muslim League, Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) ने भी TVK सरकार को समर्थन दिया। हालांकि इन दलों ने अभी सरकार में औपचारिक रूप से शामिल होने का फैसला नहीं किया है।
राज्यपाल ने सरकार बनाने का दिया न्योता
R. V. Arlekar ने सहयोगी दलों के समर्थन पत्र मिलने के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। लोक भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार विजय ने राज्यपाल को TVK विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी दी थी।
चार दिन तक चला राजनीतिक ड्रामा
सरकार गठन से पहले राज्य में चार दिनों तक राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी रही। विजय ने इस दौरान कई बार राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन बहुमत के आंकड़े की पुष्टि नहीं होने के कारण सरकार गठन में देरी हुई। आखिरकार विपक्षी दलों के समर्थन के बाद TVK ने बहुमत साबित कर दिया और सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया।
13 मई से पहले बहुमत साबित करेगी सरकार
राज्यपाल ने विजय सरकार को 13 मई से पहले विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। विजय के साथ TVK के वरिष्ठ नेता के.ए. सेंगोट्टैयन और आधारव अर्जुना भी राज्यपाल से मुलाकात के दौरान मौजूद रहे।
