नई दिल्ली. NCDC Amendment Bill 2026: केंद्र सरकार ने सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और National Cooperative Development Corporation (NCDC) की भूमिका का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को लोकसभा में National Co-operative Development Corporation (Amendment) Bill, 2026 पेश किया। इस Bill का उद्देश्य NCDC को सहकारी क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में अधिक सक्षम और लचीला बनाना है। प्रस्तावित बदलावों के बाद सहकारी समितियां प्राथमिक लाभार्थी बनी रहेंगी, लेकिन उनके विकास में सहयोग करने वाली अन्य संस्थाओं के लिए भी NCDC के जरिए सहायता का रास्ता खुल सकेगा।
क्या है NCDC और इसका काम?
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) मंत्रालय के स्वामित्व वाली एक वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना वर्ष 1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 के तहत हुई थी। एनसीडीसी का मुख्य उद्देश्य सहयोगी क्षेत्र से संबंधित विकास कार्यक्रम की योजना, प्रचार और वित्तपोषण करना है। इसके ऑफिसियल में कृषि लैपटॉप का उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, भंडारण और निर्यात-आयात जैसे उत्पाद शामिल हैं।
समय के साथ NCDC के अधिकारों और कार्यक्षेत्र में कई बदलाव किए गए। 1973, 1974 और 2002 में कानून में amendments के जरिए इसकी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया और पात्र cooperative societies को सीधे financial assistance देने की व्यवस्था भी की गई।
सरकार को NCDC कानून में संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सहकारी क्षेत्र काफी तेजी से विकसित और विविधतापूर्ण हुआ है। अब सहकारी समितियों के अलावा वैधानिक निकाय, राज्य सरकार की एजेंसियां और कई विशिष्ट संस्थाएं भी सहकारी विकास से जुड़ी बुनियादी संरचना, प्रौद्योगिकी, प्रसंस्करण, विपणन और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
समस्या यह है कि इनमें से कई संस्थाएं cooperative societies के रूप में registered नहीं हैं। मौजूदा कानून के तहत NCDC ऐसी संस्थाओं को सीधे financial support देने में सक्षम नहीं है, भले ही उनकी गतिविधियों का सीधा फायदा cooperative sector को मिल रहा हो। ऐसे मामलों में funding proposals को state governments या cooperative societies के जरिए आगे बढ़ाना पड़ सकता है, जिससे प्रक्रिया में देरी होती है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने NCDC के mandate में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा व्यवस्था में जहां NCDC को programmes को “through co-operative societies” बढ़ावा देने की बात कही गई है, वहीं Amendment Bill में इसे “for co-operative development” करने का प्रस्ताव है।
NCDC Amendment Bill में क्या बड़ा बदलाव प्रस्तावित है?
Bill में “co-operative development” की एक नई परिभाषा प्रस्तावित की गई है। इसके तहत NCDC को cooperative development से जुड़े programmes की planning, promotion और financing सीधे या किसी intermediary entity के माध्यम से करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते इसका अंतिम उद्देश्य cooperative societies को लाभ पहुंचाना हो।
इस बदलाव से NCDC के लिए cooperative sector के development में भूमिका निभाने वाली ऐसी संस्थाओं के साथ काम करना आसान हो सकता है, जो खुद cooperative society नहीं हैं।
Cooperative societies को सीधे Loan और Grant दे सकेगा NCDC
प्रस्तावित कानून में NCDC को cooperative societies को सीधे loans and grants देने की स्पष्ट शक्ति देने की बात कही गई है। इसके साथ ही cooperative development में लगी किसी दूसरी entity को भी वित्तीय सहायता दी जा सकेगी, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि उस राशि का इस्तेमाल cooperative societies के लिए किया जाए।
इस तरह की financial assistance के लिए NCDC द्वारा निर्धारित security requirements लागू होंगी। सरकार का कहना है कि इससे cooperative societies तक वित्तीय सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया ज्यादा सीधी और प्रभावी हो सकेगी।
क्या NCDC Cooperative Societies में Investment भी कर सकेगा?
हां, Amendment Bill में NCDC को cooperative societies और cooperative development में लगी eligible entities के share capital में हिस्सा लेने की शक्ति देने का प्रस्ताव है। हालांकि इसके लिए central government की approval जरूरी होगी।
इसका मतलब है कि NCDC सिर्फ loan और grant तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की मंजूरी के बाद cooperative sector से जुड़ी संस्थाओं में equity participation भी कर सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि cooperative societies ही NCDC की primary beneficiaries बनी रहेंगी।
Food Sector में भी बढ़ेगा NCDC का दायरा
Bill में NCDC के mandate में शामिल commodities और activities को भी अपडेट करने का प्रस्ताव है। इसमें “foodstuffs” की definition को व्यापक बनाने की बात कही गई है। इसके तहत processed food, अन्य edible products और केंद्र सरकार द्वारा notify किए जाने वाले दूसरे food items को भी शामिल किया जा सकेगा।
इस बदलाव से food processing और इससे जुड़ी cooperative activities को NCDC की financial assistance के दायरे में लाने का रास्ता और व्यापक हो सकता है।
Industrial Goods पर Geographical Restriction हटाने का प्रस्ताव
NCDC के कामकाज में industrial goods से जुड़ी activities के लिए मौजूद geographical restriction को भी हटाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि industrial goods से जुड़ी गतिविधियों के लिए NCDC की सहायता केवल किसी निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित न रहे।
इसके अलावा Bill में Multi-State Co-operative Societies Act से जुड़े पुराने references को भी update करने का प्रस्ताव है। इसमें 1984 के कानून के स्थान पर Multi-State Co-operative Societies Act, 2002 का reference शामिल किया जाएगा।
NCDC को मिल सकती हैं नई Powers
Amendment Bill में NCDC के लिए दो नई provisions जोड़ने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित Section 9A के तहत NCDC को अपनी powers का इस्तेमाल करने और functions तथा duties को पूरा करने के लिए जरूरी या incidental काम करने की शक्ति मिलेगी।
वहीं प्रस्तावित Section 13A के तहत NCDC को credit information और दूसरी जरूरी जानकारी collect या furnish करने की अनुमति दी जा सकती है। यह information central government, Reserve Bank of India (RBI), banks और सरकार द्वारा notified financial institutions के साथ साझा की जा सकेगी।
सरकार का मानना है कि इससे NCDC अपने financial और developmental functions को ज्यादा प्रभावी तरीके से पूरा कर पाएगा।
State Governments की भूमिका खत्म नहीं होगी
NCDC Amendment Bill में state governments की भूमिका को खत्म करने का प्रस्ताव नहीं है। NCDC पहले की तरह state governments को cooperative societies की financing के लिए funds उपलब्ध करा सकेगा।
हालांकि प्रस्तावित बदलाव के बाद state governments के जरिए cooperative development में लगी दूसरी entities को भी funding उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा। इसमें भी यह शर्त रहेगी कि उपलब्ध कराए गए funds का इस्तेमाल cooperative societies के लिए किया जाए।
Ministry of Cooperation बनने के बाद क्यों जरूरी हुआ बदलाव?
सरकार ने NCDC कानून में proposed amendments को cooperative sector के तेजी से विस्तार और Ministry of Cooperation की स्थापना से भी जोड़ा है। केंद्र में अलग Ministry of Cooperation का गठन जुलाई 2021 में किया गया था। सरकार की “Sahakar se Samriddhi” vision के तहत cooperative sector को बढ़ावा देने के लिए कई initiatives शुरू किए गए हैं।
सरकार का तर्क है कि इन बदलावों के कारण NCDC की भूमिका भी पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा legal framework बदलती जरूरतों के मुताबिक पर्याप्त flexibility उपलब्ध नहीं कराता। Amendment Bill के जरिए सरकार NCDC को greater flexibility और legal clarity देना चाहती है, ताकि cooperative sector को timely और direct financial assistance मिल सके।
NCDC Amendment Bill से क्या बदलेगा?
कुल मिलाकर NCDC Amendment Bill 2026 का फोकस NCDC के कामकाज को ज्यादा flexible बनाने और cooperative sector तक financial assistance की पहुंच आसान करने पर है। प्रस्तावित बदलावों के बाद NCDC cooperative societies के साथ-साथ cooperative development में मदद करने वाली अन्य eligible entities के माध्यम से भी काम कर सकेगा।
इससे loans, grants और government approval के बाद share capital में participation जैसे विकल्पों का दायरा बढ़ेगा। साथ ही food processing और industrial goods जैसी गतिविधियों को लेकर NCDC की भूमिका भी व्यापक हो सकती है। सरकार के अनुसार, इन बदलावों का अंतिम उद्देश्य cooperative societies को मजबूत करना और cooperative development के लिए वित्तीय सहायता को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाना है।
Bill के Financial Memorandum के अनुसार, यदि यह कानून बनता है तो इससे Consolidated Fund of India पर कोई recurring या non-recurring expenditure नहीं आएगा।
