नई दिल्ली. Food Corporation of India (FCI) द्वारा दिल्ली में गेहूं खरीद दोबारा शुरू करने का फैसला किसानों के लिए राहत भरा है। इससे अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
MSP पर होगी खरीद, बढ़ेगी आय
सरकार के इस कदम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में सुधार होगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
24 अप्रैल से शुरू होंगे खरीद केंद्र
मुख्यमंत्री Rekha Gupta के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 से नरेला FCI डिपो और नजफगढ़ मंडी में खरीद केंद्र शुरू किए जाएंगे। इससे स्थानीय किसानों को पास में ही सुविधा मिलेगी।
क्यों बंद हुई थी खरीद प्रक्रिया
दिल्ली में 2021-22 के बाद गेहूं खरीद बंद हो गई थी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब केंद्र के फैसले से यह समस्या दूर होने की उम्मीद है।
हजारों किसानों को होगा लाभ
दिल्ली में करीब 29,000 हेक्टेयर में खेती होती है और लगभग 80,000 मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। इस फैसले से करीब 21,000 किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
PDS सिस्टम को भी मिलेगी मजबूती
इस निर्णय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और खाद्यान्न आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे आम जनता को भी लाभ मिलेगा।
खरीद के लिए जरूरी दस्तावेज
किसानों को गेहूं बेचने के लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और बैंक पासबुक साथ लाना अनिवार्य होगा।
सरकार की पहल से आसान होगी प्रक्रिया
सरकार का लक्ष्य है कि खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
