नई दिल्ली. बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। अंडमान सागर के ऊपर विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम अगले छह घंटों में डिप्रेशन यानी अवदाब में बदल सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटों के भीतर इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है।
दक्षिण अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र हुआ मजबूत
IMD के मुताबिक, 30 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था। यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसकी ताकत भी बढ़ रही है।
31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक यह कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया। अब मौसम विभाग ने इसके अगले छह घंटों में डिप्रेशन बनने की संभावना जताई है।
अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, डिप्रेशन बनने के बाद यह सिस्टम अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 2 नवंबर की शाम तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक पहुंच सकता है।
सिस्टम की लगातार बदलती स्थिति पर मौसम विभाग नजर बनाए हुए है। अगले कुछ घंटे इसके आगे के रास्ते और ताकत का आकलन करने के लिहाज से अहम होंगे।
ओडिशा के मौसम पर भी नजर
बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस सिस्टम के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के अनुमान के बीच ओडिशा के मौसम पर भी नजर रखी जा रही है। पूर्वी तट के राज्यों में मौसम की स्थिति को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
फिलहाल मौसम विभाग का मुख्य ध्यान सिस्टम के अगले 24 घंटों में मजबूत होने और उसके बाद तट की ओर बढ़ने की दिशा पर है। हालांकि, अभी इसके संभावित प्रभाव, बारिश की मात्रा और तटीय इलाकों में अलर्ट को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

